आवासीय भवनों को लेकर दो कॉलेज प्रशासन आमने-सामने

खेकड़ा कस्बे के एमएम डिग्री कॉलेज और एम.एम. इंटर कॉलेज प्रशासन के बीच आवासीय भवनों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार को इंटर कॉलेज प्रशासन द्वारा तहसील प्रशासन की सील तोड़कर आवासों पर कब्जा किए जाने के बाद दोनों कॉलेजों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मामला कोतवाली तक पहुंचा, लेकिन समाधान नहीं हो सका।

आवासीय भवनों को लेकर दो कॉलेज प्रशासन आमने-सामने

आवासीय भवनों को लेकर दो कॉलेज प्रशासन आमने-सामने
- तहसील प्रशासन की सील तोड़ने से बढ़ा विवाद, मामला कोतवाली पहुंचा, निस्तारण नहीं
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के एमएम डिग्री कॉलेज और एम.एम. इंटर कॉलेज प्रशासन के बीच आवासीय भवनों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार को इंटर कॉलेज प्रशासन द्वारा तहसील प्रशासन की सील तोड़कर आवासों पर कब्जा किए जाने के बाद दोनों कॉलेजों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मामला कोतवाली तक पहुंचा, लेकिन समाधान नहीं हो सका।
जानकारी के अनुसार, दोनों कॉलेजों की स्थापना शिक्षाविद स्वामी डालचंद ने कराई थी। डिग्री कॉलेज परिसर में शिक्षकों के लिए आवास भी बनाए गए थे। कॉलेज के रात्रि चौकीदार शालीबान सेवानिवृत्ति के बाद भी आवास खाली नहीं कर रहे थे और अपने दो रिश्तेदारों को भी वहां रख लिया था। आरोप है कि तीनों न तो आवास खाली कर रहे थे और न ही किराया जमा कर रहे थे। इस पर डिग्री कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए तीनों आवास खाली कराए और उन पर सील लगा दी थी। बुधवार को इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार ने कुछ लोगों के सहयोग से सील तुड़वाकर आवासों पर अपना ताला लगा दिया। जानकारी मिलते ही डिग्री कॉलेज प्रशासन कोतवाली पहुंचा और कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने मामला उच्चाधिकारियों के पास भेजने की सलाह देकर लौटाया। डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के मंत्री नरेंद्र शर्मा और प्राचार्य डॉ. सुनील कहना है कि आवास डिग्री कॉलेज के हैं। शालीबान ने सेवा काल में किराया डिग्री कॉलेज में ही जमा कराया, जो इसका प्रमाण है। वहीं इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जितेंद्र का दावा है कि आवास इंटर कॉलेज के हैं। दोनों पक्षों के बीच आवासों की दावेदारी को लेकर तनाव बना हुआ है और प्रशासन की चुप्पी से मामला और उलझता जा रहा है।