बागपत में बेटियों की सुरक्षा को हाईटेक कवच, अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर डिजिटल निगरानी शुरू
बेटियों की सुरक्षा, गिरते लिंगानुपात में सुधार और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से बागपत जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी एक्ट की बैठक में जिले के सभी 46 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में “एक्टिव ट्रेकर सिस्टम” लगाने का निर्णय लिया गया। इसके लागू होने के बाद अल्ट्रासाउंड मशीनों की गतिविधियों की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी।
बागपत में बेटियों की सुरक्षा को हाईटेक कवच, अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर डिजिटल निगरानी शुरू
- अल्ट्रासाउंड सेंटरों में लगेगा “एक्टिव ट्रेकर सिस्टम”
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
बेटियों की सुरक्षा, गिरते लिंगानुपात में सुधार और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से बागपत जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी एक्ट की बैठक में जिले के सभी 46 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में “एक्टिव ट्रेकर सिस्टम” लगाने का निर्णय लिया गया। इसके लागू होने के बाद अल्ट्रासाउंड मशीनों की गतिविधियों की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी।
प्रशासन के अनुसार, इस सिस्टम के माध्यम से यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि मशीन कब चालू हुई, कितनी देर संचालित रही और कितनी बार उसका उपयोग किया गया। इससे रिकॉर्ड और वास्तविक उपयोग के बीच अंतर की पहचान आसान होगी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी सेंटरों के रिकॉर्ड, फॉर्म-एफ और मशीन संचालन के नियमित सत्यापन पर भी जोर दिया गया। बैठक में बिना पंजीकरण संचालित मशीनों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने तथा एसडीएम स्तर पर संयुक्त टीमों के गठन के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान प्रशासन की प्राथमिकता है तथा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने महिला समूहों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी नेटवर्क और ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से अल्ट्रासाउंड सेंटरों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, निरीक्षण प्रक्रिया अधिक प्रमाण आधारित बनेगी और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनुराग, एसडीएम बागपत ज्योति शर्मा, एसडीएम खेकड़ा मनीष यादव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, पीसीपीएनडीटी सेल के अधिकारी, डिप्टी सीएमओ डा. मसूद अनवर, डा. विभाष राजपूत, डा. ताहिर, एनजीओ से अनुज कौशिक, देवेन्द्र धामा आदि शामिल रहे।



