नीट की तैयारी कर रही छात्रा के निधन से खेकड़ा में शोक, कम उम्र में हार्ट अटैक बना चिंता का विषय

खेकड़ा कस्बे में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब एक होनहार छात्रा का हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। नीट परीक्षा की तैयारी कर रही किशोरी की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कम उम्र में बच्चों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर समाज में गहरी चिंता दिखाई देने लगी है।

नीट की तैयारी कर रही छात्रा के निधन से खेकड़ा में शोक, कम उम्र में हार्ट अटैक बना चिंता का विषय

नीट की तैयारी कर रही छात्रा के निधन से खेकड़ा में शोक, कम उम्र में हार्ट अटैक बना चिंता का विषय
- पढ़ाई के दौरान अचानक थमी सांसें, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब एक होनहार छात्रा का हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। नीट परीक्षा की तैयारी कर रही किशोरी की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कम उम्र में बच्चों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर समाज में गहरी चिंता दिखाई देने लगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बे के दिवंगत चिकित्सक डॉ. राहुल शर्मा की पत्नी डॉ. सुरिंदर कौर शर्मा का नर्सिंग होम है। कोरोना काल में पति के निधन के बाद से वह अपने दो बच्चों — बेटी सिमरन और बेटे राधव — के साथ एकल अभिभावक के रूप में संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत कर रही थीं। बेटी सिमरन डॉक्टर बनने का सपना संजोए नीट परीक्षा की तैयारी में दिन-रात जुटी हुई थी। बताया गया कि सोमवार रात करीब आठ बजे सिमरन अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। देर तक बाहर न आने पर जब भाई ने कमरे में जाकर देखा तो वह बेड के पास अचेत अवस्था में पड़ी मिली। सूचना पर मां डॉ. सुरिंदर कौर पहुंचीं, जहां देखा कि उसका शरीर पसीने से भीगा हुआ था और सांसें थम चुकी थीं। यह दृश्य देख परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। सभी ने कम उम्र में छात्रा की अचानक मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। मंगलवार सुबह रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
हृदयाघात की नहीं होती कोई उम्र — डॉ. लोकेश गुप्ता
कस्बे के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. लोकेश गुप्ता ने बताया कि हृदय गति रुकने से होने वाली मृत्यु का उम्र से कोई संबंध नहीं है। वर्तमान समय में कम उम्र के बच्चों और युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो बेहद गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि अत्यधिक मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, नींद की कमी, उच्च रक्तचाप और बदलती जीवनशैली के कारण युवाओं में हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ रही है। यही वजह है कि हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं।
डॉ. गुप्ता ने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और तनावमुक्त जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सावधानी और जागरूकता ही हृदय रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।