प्राइवेट डिलीवरी में लिप्त मिली आशा कार्यकत्री पर होगी कार्रवाई
प्राइवेट अस्पतालों में आशा कार्यकत्रियों द्वारा प्रसव कराने के मामलों पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। यदि किसी आशा कार्यकत्री को प्राइवेट डिलीवरी में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राइवेट डिलीवरी में लिप्त मिली आशा कार्यकत्री पर होगी कार्रवाई
- सीएचसी अधीक्षक ने रटौल के प्राइवेट नर्सिंग होम का किया औचक निरीक्षण
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
प्राइवेट अस्पतालों में आशा कार्यकत्रियों द्वारा प्रसव कराने के मामलों पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। यदि किसी आशा कार्यकत्री को प्राइवेट डिलीवरी में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रटौल स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं। अधीक्षक ने मौजूद स्टाफ से पूछताछ की और कड़ी चेतावनी दी। सरकार की ओर से सरकारी संस्थानों में निशुल्क डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार के लिए 1400 की राशि भी उनके खाते में भेजी जाती है। इसके बावजूद कुछ आशा कार्यकत्रियां महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित कर आर्थिक शोषण कर रही हैं। जिलाधिकारी अर्पिता लाल ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है और संबंधित अधिकारियों को ऐसी आशाओं की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में रटौल के नर्सिंग होम पर हुई छापामारी के दौरान टीम ने अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण के दौरान वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इस पर अधीक्षक ने स्टाफ से कड़ी पूछताछ की और भविष्य में सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। बीपीएम रूपेन्द्र शर्मा, विपिन कुमार, राजीव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।