वेस्ट प्लास्टिक से बनी ‘नन्ही कली’ डॉल बनेगी बागपत की नई पहचान

बागपत जनपद में पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। वेस्ट प्लास्टिक से तैयार की गई देसी डॉल नन्ही कली अब बागपत की नई पहचान बनने जा रही है। आकर्षक रूप और सांस्कृतिक झलक से सजी यह गुड़िया बच्चों के लिए जहां प्यारी साथी बनेगी, वहीं महिला स्वावलंबन का भी सशक्त प्रतीक बनेगी।

वेस्ट प्लास्टिक से बनी ‘नन्ही कली’ डॉल बनेगी बागपत की नई पहचान

वेस्ट प्लास्टिक से बनी ‘नन्ही कली’ डॉल बनेगी बागपत की नई पहचान
- स्थानीय महिलाओं की पहल से तैयार हुई अनोखी देसी गुड़िया
- 19 मार्च को बागपत में होगा भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि होंगी मशहूर मुक्केबाज़ मेरी कॉम
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
जनपद में पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। वेस्ट प्लास्टिक से तैयार की गई देसी डॉल नन्ही कली अब बागपत की नई पहचान बनने जा रही है। आकर्षक रूप और सांस्कृतिक झलक से सजी यह गुड़िया बच्चों के लिए जहां प्यारी साथी बनेगी, वहीं महिला स्वावलंबन का भी सशक्त प्रतीक बनेगी।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल जब से जनपद में आई है, हर दिन अनूठी पहल कर रही है। पुरा महादेव मेले से शुरू हुई वेस्ट प्लास्टिक उपयोग को अब अभियान बनाया जाएगा। इस विशेष पहल का शुभारंभ 19 मार्च को दोपहर 12 बजे बागपत में दिल्ली देहरादून ग्रीन एक्सप्रेस से सटे मवीकलां गांव के द हरी कैसल में आयोजित समारोह में किया जाएगा। कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध भारतीय मुक्केबाज़ मेरी कॉम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर इस पहल को प्रोत्साहित करेंगी। इस डॉल की सबसे खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक रुई की जगह वेस्ट प्लास्टिक से बने बारीक रेशों का उपयोग किया गया है। इससे एक ओर जहां प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचेगा। जिलाधिकारी की माने तो नन्ही कली केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का सुंदर संगम है। इस पहल के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नया अवसर भी मिलेगा। उन्होने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस अनूठी पहल का हिस्सा बनें और वोकल फॉर लोकल मिशन शक्ति और सस्टेनेबिलिटी के इस प्रयास को आगे बढ़ाने में सहयोग दें। इस पहल के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की जा रही है। इसमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण बचाओ के साथ संस्कृति बढ़ाओ, महिलाओं को आगे बढ़ाओ भी शामिल किया है।