प्रतीक ग्रुप व आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की दी गईं तहरीर

विजयनगर में जलभराव पर फूटा लोगों का गुस्सा, प्रतीक ग्रुप व आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गईं है। भारी बारिश के बाद पानी की निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल, नाला संकरा किए जाने का आरोप; तीन वर्षीय बच्ची की मौत से भड़का जनाक्रोश

प्रतीक ग्रुप व आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की दी गईं तहरीर

विजयनगर में जलभराव पर फूटा लोगों का गुस्सा, प्रतीक ग्रुप व आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग

भारी बारिश के बाद पानी की निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल, नाला संकरा किए जाने का आरोप; तीन वर्षीय बच्ची की मौत से भड़का जनाक्रोश

तेजेश चौहान तेजस

गाजियाबाद गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद गाजियाबाद के विजयनगर, प्रताप विहार, कैलाभट्टा, कैलाश नगर और सर्वोदय नगर सहित कई इलाकों में जलभराव की भयावह स्थिति देखने को मिली। सड़कें, गलियां और निचले इलाके घंटों तक पानी में डूबे रहे। कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच सर्वोदय नगर में जलभराव के दौरान तीन वर्षीय मासूम बच्ची की डूबने से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। घटना के बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा प्रशासन, आवास विकास परिषद और प्रतीक ग्रुप के खिलाफ खुलकर सामने आ गया।

शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जन अधिकार मोर्चा के नेतृत्व में थाना विजयनगर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जलभराव के लिए जिम्मेदार प्रतीक ग्रुप तथा आवास विकास परिषद के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

नाला संकरा किए जाने का लगाया आरोप

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि प्रतीक ग्रुप की आवासीय परियोजना के निर्माण के दौरान क्षेत्र से गुजरने वाले मुख्य बरसाती नाले को संकरा कर दिया गया। इससे वर्षों से चली आ रही बरसाती पानी की व्यवस्था प्रभावित हो गई। लोगों का कहना है कि पहले बारिश का पानी तेजी से निकल जाता था, लेकिन अब नाले की क्षमता कम होने के कारण कैलाभट्टा, कैलाश नगर, विजयनगर, प्रताप विहार और आसपास के क्षेत्रों का पानी एकत्र हो जाता है, जिससे हर बारिश में जलभराव की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को उसकी मूल चौड़ाई में बहाल किया जाता और पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता तो इतनी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती और कई लोगों को नुकसान से बचाया जा सकता था।

जिलाधिकारी भी जता चुके हैं नाराजगी

क्षेत्रवासियों ने दावा किया कि हाल ही में जिलाधिकारी ने भी मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलनिकासी में आ रही बाधाओं और नाले की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की थी। लोगों का कहना है कि यदि निरीक्षण के बाद तत्काल प्रभावी कार्रवाई होती तो गुरुवार की बारिश के दौरान हालात इतने भयावह नहीं बनते।

तीन वर्षीय बच्ची की मौत से गहराया आक्रोश

जलभराव के बीच सर्वोदय नगर में तीन वर्षीय बच्ची की डूबने से हुई मौत ने लोगों को झकझोर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम है। उनका आरोप है कि वर्षों से जलनिकासी की समस्या उठाई जा रही थी, लेकिन संबंधित विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

मुकदमा दर्ज करने और स्थायी समाधान की मांग

जन अधिकार मोर्चा और क्षेत्रवासियों ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन से बरसाती नाले को अवरोध मुक्त कराने, जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने की मांग भी की गई।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि इस बार भी केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया तो आने वाले समय में जन आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 हालांकि इस मामले में अभी तक प्रतीक  ग्रुप या संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उनका बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।