मुनिश्री अनुपम सागर के प्रवचनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
खेकड़ा कस्बे के शांतिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर परिसर में रविवार को मुनिश्री अनुपम सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। दिनभर चले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
मुनिश्री अनुपम सागर के प्रवचनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
- दीन-दुखियों की सेवा को बताया सबसे बड़ी साधना
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के शांतिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर परिसर में रविवार को मुनिश्री अनुपम सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। दिनभर चले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
मुनिश्री अनुपम सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं का कल्याण नहीं, बल्कि दीन दुखियों और जरूरतमंदों की सेवा करना भी है। उन्होंने कहा कि सेवा, करुणा और त्याग ही जीवन को सही दिशा देने वाले सबसे बड़े गुण हैं। यदि व्यक्ति अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाता है तो उसका जीवन सार्थक बन जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः छह बजे श्रीजी के अभिषेक के साथ हुई। इसके बाद सुबह 6.30 बजे 1008 मंत्रों के साथ महामंत्राभिषेक और शांतिधारा आयोजित की गई। सुबह 7.30 बजे मुनिश्री के प्रवचन हुए, जबकि 9.30 बजे आहार चर्या संपन्न हुई। शाम के सत्र में 6.30 बजे गुरु भक्ति, 7.30 बजे भक्तांबर दीप अर्चना तथा रात्रि 9 बजे वैय्यावृत्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल और धार्मिक उत्साह से सराबोर रहा। इस अवसर पर मंदिर समिति के प्रधान चौधरी नितिन जैन सहित मनोज जैन, अंकुश जैन, जिनेश जैन, राजेश जैन समेत अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।

