खेकड़ा क्षेत्र में चातुर्मास को लेकर जैन समाज में उत्साह
वर्ष 2026 के चातुर्मास को लेकर खेकड़ा क्षेत्र के जैन समाज में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। बड़ागांव, मंडोला और खेकड़ा स्थित विभिन्न जैन मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर साधु-संतों और आर्यिकाओं के चातुर्मास प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। चातुर्मास के दौरान धार्मिक प्रवचन, पूजा-अर्चना, आध्यात्मिक कार्यक्रम और धर्म प्रभावना के आयोजन होंगे।
खेकड़ा क्षेत्र में चातुर्मास को लेकर जैन समाज में उत्साह
- बड़ागांव, मंडोला और खेकड़ा में होंगे धार्मिक आयोजन, साधु-संतों के प्रवचन से गूंजेगा क्षेत्र
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
वर्ष 2026 के चातुर्मास को लेकर खेकड़ा क्षेत्र के जैन समाज में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। बड़ागांव, मंडोला और खेकड़ा स्थित विभिन्न जैन मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर साधु-संतों और आर्यिकाओं के चातुर्मास प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। चातुर्मास के दौरान धार्मिक प्रवचन, पूजा-अर्चना, आध्यात्मिक कार्यक्रम और धर्म प्रभावना के आयोजन होंगे।
त्रिलोक तीर्थ बड़ागांव में 2 अगस्त को एलाचार्य त्रिलोक भूषण जी के साथ आर्यका चंद्रमती माता, मुक्तिभूषण, अनुभूतिभूषण और दृष्टिभूषण की चातुर्मास स्थापना होगी। त्रिलोक तीर्थ पर होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी क्रम में शांति निकेतन दिगंबर जैन मंदिर मंडोला में 26 जुलाई को एलक विज्ञान सागर जी महाराज की चातुर्मास स्थापना होगी। आयोजन को लेकर जैन समाज और मंदिर प्रबंधन तैयारियों में जुटा है। वहीं पारसनाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम बड़ागांव में आर्यका दर्शनमति माता का चातुर्मास प्रस्तावित है। उनकी स्थापना की तिथि अभी निर्धारित नहीं हुई है। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, निर्भय एन्क्लेव खेकड़ा में 9 अगस्त को आर्यका सरस्वती माता की चातुर्मास स्थापना होगी। चातुर्मास के दौरान जैन साधु-संत और आर्यिकाएं एक ही स्थान पर रहकर श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, त्याग और अहिंसा का संदेश देते हैं। इस दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बनेगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।