इस्कॉन मंदिर में हुआ छठा दीक्षांत समारोह का आयोजन

इस्कॉन मंदिर में छठा दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया

इस्कॉन मंदिर में हुआ छठा दीक्षांत समारोह का आयोजन

नोएडा के सेक्टर 33 स्थित इस्कॉन मंदिर में छठा दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में एक वर्षीय भक्ति शास्त्री कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 40 विद्यार्थियों को भक्ति शास्त्री की डिग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ उनके परिवारों के सदस्य भी शामिल हुए।


इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्री प्रभुपाद की इच्छा के अनुरूप लोगों को व्यवस्थित और प्रामाणिक आध्यात्मिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साल 2003 में परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज के संरक्षण में इस्कॉन नोएडा में भक्तिवेदांत एकेडमी की स्थापना की गई थी। एकेडमी द्वारा प्रत्येक वर्ष विभिन्न आध्यात्मिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इस पाठ्यक्रम में भक्ति शास्त्री कोर्स भी काफी ज्यादा प्रमुख है। इस पाठ्यक्रम के तहत श्रीमद्भगवत गीता समेत अनेक वैदिक ग्रंथों का गहन अध्ययन कराया जाता है।
अमेरिका, म्यांमार, नेपाल, सऊदी अरब और पाकिस्तान के लोग भी शामिल
एकेडमी से अब तक भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका, म्यांमार, नेपाल, मॉरीशस, सऊदी अरब, कोलंबिया और पाकिस्तान समेत कई देशों के 350 से ज्यादा विद्यार्थी भक्ति शास्त्री की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। संस्था के तहत इन पाठ्यक्रमों में किसी भी आयु, वर्ग, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति प्रवेश लेकर अध्ययन कर सकता है। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
शास्त्रों का अध्ययन गंभीरता के साथ करना चाहिएःअतुल कृष्ण
इस्कॉन शिक्षा मंत्रालय के सदस्य और इस्कॉन बोर्ड ऑफ एग्जाम के चेयरमैन अतुल कृष्ण प्रभुजी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में शांति, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शास्त्रों का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। इस मौके पर इस्कॉन मंदिर के सह-अध्यक्ष वंशीधर दास, सह-अध्यक्ष वेदांत चैतन्य दास, टेंपल कमांडर राधाकुंड दास और भक्तिवेदांत एकेडमी के निदेशक बुद्धिमंता दास समेत कई लोग मौजूद रहे।