व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य

लोक आस्था के महापर्व छठ पर सोमवार की शाम खेकड़ा में व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने घरों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया।

व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य

व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य
- परिवार की सुख शांति की कामना की
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
लोक आस्था के महापर्व छठ पर सोमवार की शाम खेकड़ा में व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने घरों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया।
हिंदू धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शाम के समय सूर्य अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं, इसलिए छठ पूजा में सूर्य की अंतिम किरण प्रत्यूषा को अर्घ्य देकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। सीएचसी परिसर में पूर्वांचल के परिवारों ने उल्लासपूर्वक छठ पर्व मनाया। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा। शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उन्होंने परिवार की सुख शांति की कामना की। व्रति पुष्पा पटेल, सविता यादव और नीलम ने बताया कि ढलते सूर्य को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य संबंधी कई दिक्कतें दूर होती हैं और वैज्ञानिक दृष्टि से भी इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। पूजा कार्यक्रम के दौरान सोनिया, गीता, दीपांजली, पूनम, विपिन, अनिल, पंकज जोशी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।