चलती एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, महिला ने बेटे को दिया जन्म

समय पर मिली स्वास्थ्य सेवाओं और आशा कार्यकर्ता व 102 एंबुलेंस टीम की तत्परता से गुरुवार को चलती एंबुलेंस में एक महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित खेकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत सामान्य बताई गई है।

चलती एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, महिला ने बेटे को दिया जन्म

चलती एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, महिला ने बेटे को दिया जन्म
- आशा कार्यकर्ता और 102 एंबुलेंस टीम की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
समय पर मिली स्वास्थ्य सेवाओं और आशा कार्यकर्ता व 102 एंबुलेंस टीम की तत्परता से गुरुवार को चलती एंबुलेंस में एक महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित खेकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत सामान्य बताई गई है।
बिहार के समस्तीपुर जनपद के खालिसपुर निवासी कुंदन अपने परिवार के साथ डगरपुर गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है। उसकी 22 वर्षीय गर्भवती पत्नी आंचल को गुरुवार को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल गांव की आशा कार्यकर्ता परमेश्वरी देवी को सूचना दी। सूचना मिलते ही आशा कार्यकर्ता ने बिना देर किए 102 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। कुछ ही देर में एंबुलेंस चालक जानी यादव और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) मौके पर पहुंचे और महिला को परिजनों के साथ खेकड़ा सीएचसी के लिए रवाना किया। रास्ते में पूर्वी यमुना नहर के पास पहुंचते ही महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी और आशा कार्यकर्ता ने सूझबूझ और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित खेकड़ा सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया। सीएचसी प्रभारी डॉ. ताहिर ने बताया कि 102 एंबुलेंस में तैनात ईएमटी को आपातकालीन प्रसव जैसी परिस्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने आशा कार्यकर्ता परमेश्वरी देवी और एंबुलेंस टीम की तत्परता व कुशलता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ के कारण सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की प्रभावशीलता का उदाहरण है।