पहली बारिश में डूबा प्रताप विहार, डीएम खुद उतरे कीचड़ में,नाला संकरा करने पर भड़के, जांच के दिए आदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसी औपचारिकता की परवाह किए बिना स्वयं कीचड़ और जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों से मौके पर ही जवाब-तलब किया।
तेजेश चौहान तेजस
पहली बारिश में डूबा प्रताप विहार, डीएम खुद उतरे कीचड़ में,नाला संकरा करने पर भड़के, जांच के दिए आदेश
भाजपा प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा की शिकायत पर पहुंचे जिलाधिकारी, नगर निगम, जीडीए और आवास विकास के अधिकारियों की लगाई क्लास

गाजियाबाद। मानसून की पहली ही बारिश ने प्रताप विहार क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। भारी जलभराव के कारण सेक्टर-11 के जी ब्लॉक समेत आसपास के इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। बारिश का पानी बड़ी संख्या में घरों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव से नाराज स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

जल भराव की सूचना पर नगर निगम कर्मचारी हरकत में आये
जलभराव की सूचना मिलते ही नगर निगम हरकत में आया और विभिन्न स्थानों पर सक्शन टैंकर लगाकर पानी निकालने का काम शुरू कराया गया। हालांकि लोगों का कहना था कि यदि समय रहते नालों की समुचित व्यवस्था की गई होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।

जोनल अधिकारी खुद पानी निकासी करवाती दिखाई दी

सबसे अधिक प्रभावित प्रताप विहार सेक्टर-11 का (एच आई जी) जी ब्लॉक रहा
सबसे अधिक प्रभावित प्रताप विहार सेक्टर-11 का (एच आई जी) जी ब्लॉक रहा, जिसे शहर का प्रमुख और पॉश इलाका माना जाता है। इसी क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा, कई वरिष्ठ पत्रकार तथा सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी भी निवास करते हैं। जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए भाजपा प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा ने सीधे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया।

कीचड़ में ही जिलाधिकारी ने लिया स्थिति का जायजा
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ स्वयं मौके पर पहुंचे और इलाके का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के दौरे की सूचना मिलते ही नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और आवास विकास परिषद के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसी औपचारिकता की परवाह किए बिना स्वयं कीचड़ और जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों से मौके पर ही जवाब-तलब किया।

हाई राइज इमारत के सामने नाले को किया संकरा
जांच के दौरान सामने आया कि प्रताप विहार, केला भट्टा और कैलाश नगर क्षेत्र का बरसाती पानी जिस मुख्य नाले से निकलता है, वह पीछे की ओर पर्याप्त चौड़ा है। लेकिन प्रतीक ग्रैंड सोसाइटी के नए टावरों के निर्माण के दौरान नाले के एक हिस्से को संकरा कर छोटे पाइप डालकर पानी की निकासी की व्यवस्था कर दी गई, जबकि आगे का नाला पूरी चौड़ाई में खुला हुआ है। इस कारण बारिश का पानी तेजी से आगे नहीं निकल सका और पूरे इलाके में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई।

नाला संकरा होने कि होगी जाँच : जिलाधिकारी
यह स्थिति देखकर जिलाधिकारी खासे नाराज हुए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की मौके पर ही कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर नाले की चौड़ाई कम करने की अनुमति किसने दी और ऐसी स्थिति क्यों बनने दी गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह गंभीर जांच का विषय है और जिसकी भी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों की भी समस्या को सुना
जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी वहां एकत्र हो गए। लोगों ने अपने घरों में पानी भरने, संपत्ति को हुए नुकसान और लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जल्द ही समस्या के समाधान का दिया भरोसा
उन्होंने नगर निगम, जीडीए और आवास विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में पहली ही बारिश में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों को भी भरोसा दिलाया गया कि समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।

आवास विकास परिषद के अधिकारीयों की कार्य प्रणाली पर दिखे नाराज
निरीक्षण के दौरान आवास विकास परिषद के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी विशेष रूप से नाराज दिखाई दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।