गांधी विद्यालय में सजा ज्ञान का मेला, पुस्तकों की दुनिया से रूबरू हुए विद्यार्थी

ज्ञान की असली शक्ति पुस्तकों में ही निहित है। इसी संदेश के साथ कस्बे के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में आयोजित पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर अभियान के अंतर्गत पुस्तक मेले में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। विभिन्न विषयों की पुस्तकों से सजे स्टॉलों पर छात्र-छात्राओं ने घंटों तक अपनी रुचि की पुस्तकों का अवलोकन किया और अध्ययन के लिए उपयोगी किताबों का चयन किया।

गांधी विद्यालय में सजा ज्ञान का मेला, पुस्तकों की दुनिया से रूबरू हुए विद्यार्थी

गांधी विद्यालय में सजा ज्ञान का मेला, पुस्तकों की दुनिया से रूबरू हुए विद्यार्थी
- पुस्तक मेले में उमड़ा छात्र-छात्राओं का उत्साह, डीआईओएस ने फीता काटकर किया शुभारंभ
- डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व सर्वाेपरि, विद्यार्थियों ने खरीदीं पसंदीदा पुस्तकें
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
ज्ञान की असली शक्ति पुस्तकों में ही निहित है। इसी संदेश के साथ कस्बे के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में आयोजित पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर अभियान के अंतर्गत पुस्तक मेले में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। विभिन्न विषयों की पुस्तकों से सजे स्टॉलों पर छात्र-छात्राओं ने घंटों तक अपनी रुचि की पुस्तकों का अवलोकन किया और अध्ययन के लिए उपयोगी किताबों का चयन किया।
पुस्तक मेले का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यम उपयोगी हैं, लेकिन पुस्तकों से मिलने वाला गहन ज्ञान, एकाग्रता और चिंतन आज भी अतुलनीय है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए, क्योंकि यही आदत उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। मेले में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित विभिन्न प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पाठ्य एवं संदर्भ पुस्तकों के आकर्षक स्टॉल लगाए गए। गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, जैन इंटर कॉलेज सहित क्षेत्र के अनेक इंटर कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने स्टॉलों का भ्रमण कर अपने विषयों से संबंधित पुस्तकों की जानकारी प्राप्त की। कई विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक अध्ययन के लिए उपयोगी पुस्तकों की खरीदारी भी की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा में सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और जीवन मूल्यों की सबसे बड़ी पाठशाला हैं। पढ़ने की आदत ही विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र का जिम्मेदार नागरिक बनाती है। कार्यक्रम में विद्यालय के उपप्रबंधक एवं नगर पालिका सभासद गजेंद्र धामा, प्रधानाचार्य उमेश कुमार, प्रधानाचार्य प्रशांत जैन, शिक्षकगण भरतजी गुप्त, दीपिका मेडम, शरीन सैफी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में पुस्तकों के प्रति विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली।