दस वर्षों से बिना अधिभोग प्रमाण पत्र के रह रहे 1342 परिवार, फिर भी मेंटिनेंस वसूली जारी
खेकड़ा कस्बे में दिल्ली सहारनपुर नेशनल हाइवे पर बनी एनबीसीसी टाउनशिप के 1342 निवासियों को दस वर्ष से अधिभोग प्रमाण पत्र नही मिला है। फिर भी मेंटिनेंस वसूला जा रहा है। भवन मालिकों ने शासन प्रशासन से समाधान कराने की मांग की है।
दस वर्षों से बिना अधिभोग प्रमाण पत्र के रह रहे 1342 परिवार, फिर भी मेंटिनेंस वसूली जारी
- खेकड़ा की एनबीसीसी टाउनशिप का मामला
- बुनियादी अधिकारों का हनन को लेकर निवासियों ने उठाई न्याय की मांग
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में दिल्ली सहारनपुर नेशनल हाइवे पर बनी एनबीसीसी टाउनशिप के 1342 निवासियों को दस वर्ष से अधिभोग प्रमाण पत्र नही मिला है। फिर भी मेंटिनेंस वसूला जा रहा है। भवन मालिकों ने शासन प्रशासन से समाधान कराने की मांग की है।
कस्बे में 2015 में भारत सरकार के उपक्रम नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ने एनबीसीसी टाउनशिप फेज-1 का निर्माण किया था। टाउनशिप की वेलफेयर समिति की गुरूवार को बैठक हुई। इसमें पदाधिकारी चन्द्रमोहन नेनता ने बताया कि दस वर्षो से यहां रह रहे 1342 परिवार अब तक भी अधिभोग प्रमाण पत्र नही मिला है जबकि मेंटिनेंस शुल्क लगातार वसूला जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही है कि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। यह सैकड़ों परिवारों के संवैधानिक और उपभोक्ता अधिकारों का घोर उल्लंघन है। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का नियम है कि बिना अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त किए मेंटिनेंस शुल्क वसूलना अवैध है। बताया कि बागपत बड़ौत खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने 29 नवंबर 2024 को अपने शपथ पत्र में स्पष्ट किया है कि एनबीसीसी को अब तक अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2015 से अब तक वसूला गया मेंटिनेंस शुल्क अवैध घोषित कर वापस लौटाया जाए या समायोजित किया जाए। दोषी अधिकारियों या संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो। बैठक में प्रवीन धामा, विकास कुमार, मंजू देवी, सचिन कुमार, जगदीश, अमित कुमार आदि शामिल रहे।