रामलीला में राम वनवास प्रसंग का भावपूर्ण मंचन
खेकड़ा में बुधवार रात रामलीला के मंच पर रामवनवास का प्रसंग दर्शकों के सामने जीवंत हुआ। दासी मंथरा और रानी कैकई के संवाद ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
रामलीला में राम वनवास प्रसंग का भावपूर्ण मंचन
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
खेकड़ा में बुधवार रात रामलीला के मंच पर रामवनवास का प्रसंग दर्शकों के सामने जीवंत हुआ। दासी मंथरा और रानी कैकई के संवाद ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
पांचवें दिन के मंचन में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता को महर्षि विश्वामित्र के साथ राक्षसों से मुक्ति दिलाते हुए अयोध्या लौटने का दृश्य दिखाया गया। राजा दशरथ द्वारा राम के राज्याभिषेक की घोषणा भी मंचित की गई। इसके बाद मंथरा द्वारा कैकई को उकसाने और कैकई द्वारा दशरथ से दो वरदान मांगने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। कैकई ने अपने वरदान में भरत को राजगद्दी और राम को चौदह वर्ष का वनवास देने की मांग रखी। यह सुनकर राजा दशरथ का कैकई को धिक्कारना और शोक में अचेत होकर गिर पड़ना दर्शकों को अत्यंत भावुक कर गया। मंच पर सभी कलाकारों ने अपनी अदाकारी से प्रसंग को जीवंत बनाया और दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया।