बेसहारा मूक-बधिर अजय का समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार

खेकड़ा कस्बे में बीस वर्षों से किराए के मकान में रह रहे मूक-बधिर युवक अजय शर्मा की रविवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। परिवार में कोई भी सदस्य न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी पुलिस के सामने चुनौती बन गई। ऐसे में कस्बे के समाजसेवियों ने आगे आकर मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की।

बेसहारा मूक-बधिर अजय का समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार

बेसहारा मूक-बधिर अजय का समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार
- कस्बे के समाजसेवियों ने दिखाई इंसानियत, श्रद्धांजलि अर्पित की
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में बीस वर्षों से किराए के मकान में रह रहे मूक-बधिर युवक अजय शर्मा की रविवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। परिवार में कोई भी सदस्य न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी पुलिस के सामने चुनौती बन गई। ऐसे में कस्बे के समाजसेवियों ने आगे आकर मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की।
शेखपुरा निवासी 40 वर्षीय अजय शर्मा अपनी मां के साथ करीब बीस साल से कस्बे में रह रहा था। बोल और सुन न पाने वाले अजय की जिंदगी मजदूरी पर टिकी थी। कुछ समय पहले ही उसकी मां का भी निधन हो गया था, जिसके बाद वह बिल्कुल अकेला हो गया था। रविवार सुबह वह मुबारिकपुर रेलवे फाटक के पास टहल रहा था, तभी दिल्ली से शामली जाने वाली ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब उसके परिजनों की तलाश की तो कोई नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने समाजसेवियों से संपर्क साधा। कस्बे के समाजसेवी सचिन शर्मा, अमित गुप्ता, विपिन कुमार, दीपक वाल्मीकि, रूपेंद्र शर्मा, अमित तोमर और सतीश गिरी समेत अन्य लोगों ने मिलकर धनराशि एकत्र की और काठा रोड स्थित शांतिवन श्मशान घाट पर अजय का विधिविधान से अंतिम संस्कार कराया। समाजसेवियों की इस पहल की कस्बेभर में सराहना की जा रही है। हर कोई उनकी इंसानियत और सामूहिक प्रयास की प्रशंसा कर रहा है।