भागवत कथा में कृष्ण–रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया

खेकड़ा कस्बे की शांतिनाथ जैन धर्मशाला के प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सोमवार को कथा व्यास श्रीधाम वृंदावन के नीरज पराशर ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी विवाह का मनमोहक प्रसंग सुनाया। उनकी मधुर वाणी और भावपूर्ण वर्णन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।

भागवत कथा में कृष्ण–रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया

भागवत कथा में कृष्ण–रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया
- श्रवण कर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, आयोजन में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे की शांतिनाथ जैन धर्मशाला के प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सोमवार को कथा व्यास श्रीधाम वृंदावन के नीरज पराशर ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी विवाह का मनमोहक प्रसंग सुनाया। उनकी मधुर वाणी और भावपूर्ण वर्णन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कथा व्यास नीरज पराशर ने रुक्मणी के जन्म, उनके दिव्य गुण, कृष्ण–रुक्मणी के प्रेम और विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मणी का भगवान कृष्ण के साथ रथ में प्रस्थान करना धर्म की विजय और अधर्म पर नियंत्रण का प्रतीक है। उनके मुखारविंद से कथा सुनते ही श्रद्धालु कई बार “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूँज उठे। कथा के दौरान ग्रामीणों और कस्बे के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए कथा में भाग लिया। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जलपान की समुचित व्यवस्था की गई। कथा आयोजन को सफल बनाने में अनिल गुप्ता, राहुल गोयल सहित कई भक्तजनों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।