बागपत में शुरू होगी यूपी की पहली हेरिटेज ट्रेल, महाभारत कालीन विरासत से रूबरू होंगे पर्यटक

प्रदेश सरकार “विरासत का सम्मान” के अपने विजन को साकार करते हुए विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) पर बागपत से उत्तर प्रदेश की पहली हेरिटेज ट्रेल की ऐतिहासिक शुरुआत करने जा रही है। यह ट्रेल देश-विदेश के पर्यटकों को करीब चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता और महाभारत कालीन इतिहास से सीधे जोड़ने का कार्य करेगी।

बागपत में शुरू होगी यूपी की पहली हेरिटेज ट्रेल, महाभारत कालीन विरासत से रूबरू होंगे पर्यटक

बागपत में शुरू होगी यूपी की पहली हेरिटेज ट्रेल, महाभारत कालीन विरासत से रूबरू होंगे पर्यटक
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
प्रदेश सरकार “विरासत का सम्मान” के अपने विजन को साकार करते हुए विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) पर बागपत से उत्तर प्रदेश की पहली हेरिटेज ट्रेल की ऐतिहासिक शुरुआत करने जा रही है। यह ट्रेल देश-विदेश के पर्यटकों को करीब चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता और महाभारत कालीन इतिहास से सीधे जोड़ने का कार्य करेगी।
इस पहल के तहत अब भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों से जुड़ी कथाएं केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पर्यटक उन स्थलों को स्वयं देख और महसूस कर सकेंगे। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार बागपत क्षेत्र पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने कौरवों से संधि के दौरान जिन पांच गांवों की मांग की थी, उनमें बागपत भी शामिल था। हेरिटेज ट्रेल के अंतर्गत लाक्षागृह, सिनौली पुरातात्विक स्थल और पांडवकालीन गुफाओं जैसे ऐतिहासिक स्थलों को एक श्रृंखला में जोड़ा गया है। विशेष रूप से सिनौली में मिले प्राचीन रथ और ढाल इस ट्रेल के प्रमुख आकर्षण होंगे, जो भारत की प्राचीन सैन्य क्षमता और उन्नत सभ्यता के प्रमाण माने जाते हैं। यह परियोजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा देगी। युवाओं को प्रशिक्षित गाइड के रूप में तैयार किया जाएगा, वहीं गांवों में होमस्टे विकसित कर पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा पॉटरी, ब्लॉक प्रिंटिंग और इत्र निर्माण जैसी पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस हेरिटेज रूट में पुरा महादेव मंदिर, जोहड़ी मंदिर, त्रिलोक तीर्थ धाम और यमुना तट के प्राचीन अवशेषों को भी शामिल किया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से बागपत को एक प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के माध्यम से जिले की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी और लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना भी सुदृढ़ होगी।