संपूर्ण सुरक्षा रणनीति पर जिला स्तरीय एडवोकेसी कार्यशाला आयोजित
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेरठ रोड स्थित वात्सायन पैलेस में सुरक्षा से संपूर्ण सुरक्षा तक विषय पर जनपद स्तरीय एडवोकेसी मीटिंग एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद में एचआईवी नेगेटिव लेकिन जोखिमग्रस्त व्यक्तियों को एक ही मंच पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
संपूर्ण सुरक्षा रणनीति पर जिला स्तरीय एडवोकेसी कार्यशाला आयोजित
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेरठ रोड स्थित वात्सायन पैलेस में सुरक्षा से संपूर्ण सुरक्षा तक विषय पर जनपद स्तरीय एडवोकेसी मीटिंग एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद में एचआईवी नेगेटिव लेकिन जोखिमग्रस्त व्यक्तियों को एक ही मंच पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्ण सुरक्षा केंद्र के माध्यम से एचआईवी रोकथाम एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला का आयोजन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह के नेतृत्व में किया गया। एडवोकेसी मीटिंग में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह, एसीएमओ डॉ. मुकेश एवं मेडिकल कॉलेज मेरठ से एसएमओ डॉ. अभिमा पांडे द्वारा संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को संबोधित किया गया। अतिथियों का स्वागत ग्रीन प्लांट भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान एचआईवी, एडस, एसटीआई, आरटीआई, टीबी, एचबीवी, एचसीवी सहित अन्य सह-रोगों की रोकथाम, जांच, उपचार, परामर्श एवं रेफरल सेवाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण एवं विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने बताया कि संपूर्ण सुरक्षा रणनीति के माध्यम से जोखिमग्रस्त व्यक्तियों को एक ही छत के नीचे समस्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर एचआईवी संक्रमण की रोकथाम को अधिक प्रभावी और सरल बनाया जा सकता है। कार्यशाला में कलेक्टर मेरठ मंडल द्वारा एचआईवी/एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम 2017 के प्रावधानों, पीएलएचआईवी के अधिकारों, गोपनीयता तथा भेदभाव निषेध विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय, सहयोग और “Break the Silos, Build Synergies” की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. ताहिर एम.एस. खेकड़ा, डॉ. विजय एम.एस. बड़ौत, डॉ. अमित गुप्ता एम.एस. बिलोली, डॉ. अभिषेक एम.एस. छपरौली, डॉ. अमित गोयल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, टीओएमटी, डीटीसी, एनजीओ प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य संबंधित विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता रही।