सफलता की कहानी- खेकड़ा ब्लाक के रटौल की नन्हीं सनाया ने पाया स्वस्थ जीवन

खेकड़ा स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम और महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के प्रयासों से नगर पंचायत रटौल की नन्हीं बच्ची सनाया गंभीर कुपोषण यानि सेम से बाहर निकलकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हुई है।

सफलता की कहानी- खेकड़ा ब्लाक के रटौल की नन्हीं सनाया ने पाया स्वस्थ जीवन

सफलता की कहानी- खेकड़ा ब्लाक के रटौल की नन्हीं सनाया ने पाया स्वस्थ जीवन
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम और महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के प्रयासों से नगर पंचायत रटौल की नन्हीं बच्ची सनाया गंभीर कुपोषण यानि सेम से बाहर निकलकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हुई है। सीएचसी खेकड़ा अधीक्षक डा. ताहिर के मार्गदर्शन में आरबीएसके टीम ने रटौल के निर्धन परिवार की सनाया को चिन्हित किया। सनाया का वजन आंगनवाड़ी केंद्र पर मात्र 6.7 किलोग्राम और लंबाई 67 सेमी थी। बच्ची अत्यंत कमजोर, बार-बार बीमार और पीलिया से ग्रसित थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सीडीपीओ और आरबीएसके टीम ने 25 जुलाई को सनाया को पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी में भर्ती कराया। 15 दिनों तक नियमित चिकित्सकीय देखभाल, पौष्टिक आहार और मां को स्वास्थ्य एवं पोषण प्रशिक्षण देने के बाद बच्ची का वजन बढ़कर 8.5 किलोग्राम और लंबाई 70 सेमी हो गई। अब सनाया स्वस्थ, सक्रिय और सामान्य विकास की राह पर है। विभाग ने कहा कि यह सफलता नन्हें जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों का परिणाम है, जिसमें प्रमुख सचिव लीना जौहरी के मार्गदर्शन और आंगनबाडी, आरबीएसके टीम की सक्रिय भूमिका अहम रही। सनाया को नवजीवन देने में सीएमओ डा. तीरथ लाल, आरबीएसके के जिला नोडल अधिकारी डा. मुकेश कुमार, डीईआईसी मैनेजर डा. अनुज गेरा, खेकड़ा आरबीएसके टीम, आंगनबाडी सीडीपीओ मुमताज, सुपरवाइजर सीमा, रटौल की आंगनबाडी कार्यकत्री, बागपत एनआरसी टीम समेत अनेक लोगों को सहयोग रहा।