भक्ति और उल्लास के साथ निकली श्रीजी की भव्य रथयात्रा

खेकड़ा कस्बे के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म-तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर से भगवान जिनेन्द्र की भव्य वार्षिक रथयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

भक्ति और उल्लास के साथ निकली श्रीजी की भव्य रथयात्रा

भक्ति और उल्लास के साथ निकली श्रीजी की भव्य रथयात्रा
– भगवान आदिनाथ का जन्म-तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा से मनाया गया
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म-तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर से भगवान जिनेन्द्र की भव्य वार्षिक रथयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
जैन समाज द्वारा पिछले 26 वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे इस महोत्सव के तहत सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय विद्वान पंडित विनोद कुमार, डॉ. पारस, डॉ. प्रशांत और पंडित विवेक के सान्निध्य में आदिनाथ पंचकल्याणक विधान विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया। इस दौरान पंडित राकेश कुमार और ब्रह्मचारी बहन राजकुमारी दीदी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश दिया। इसके पश्चात भगवान जिनेन्द्र की भव्य रथयात्रा मंदिर से नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रथयात्रा में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य प्रत्यक्ष जैन और लवी जैन को प्राप्त हुआ, जबकि चिद्रुप जैन और वासु जैन ने सारथी बनकर संयम का व्रत धारण किया। आगम जैन, शाश्वत जैन, अर्पित जैन और अतिशय जैन ने इंद्र बनकर विभिन्न धार्मिक क्रियाओं का निर्वहन किया। वहीं मां जिनवाणी को बग्गी में विराजमान कराने का सौभाग्य रुक्मिणी देवी परिवार तथा निर्मल जैन-वीरेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। पंडित विवेक जी शास्त्री के निर्देशन में सभी साधर्मी जनों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। रथयात्रा के दौरान पूरा वातावरण आदिनाथ भगवान की जय के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। अंत में मंदिर कमेटी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।