घिटोरा में शारदीय नवसस्येष्टि दीपावली पर्व पर यज्ञ में दी आहुति
घिटोरा गांव में दीपावली का पावन पर्व पारंपरिक वैदिक रीति से मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शारदीय नवसस्येष्टि यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण को शुद्ध करना और वैदिक संस्कृति के महत्व को पुनर्जीवित करना रहा।
घिटोरा में शारदीय नवसस्येष्टि दीपावली पर्व पर यज्ञ में दी आहुति
- वैदिक रीति से मनाया गया पर्व, ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
घिटोरा गांव में दीपावली का पावन पर्व पारंपरिक वैदिक रीति से मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शारदीय नवसस्येष्टि यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण को शुद्ध करना और वैदिक संस्कृति के महत्व को पुनर्जीवित करना रहा।
आचार्य आनंद बैसला अपनी पत्नी के साथ यजमान बने, जबकि विद्वान आचार्य कपिल शास्त्री ने यज्ञ का ब्रह्मत्व किया। उन्होंने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ न केवल पर्यावरण को शुद्ध करता है बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। आचार्य कपिल शास्त्री ने बताया कि दीपावली का वास्तविक नाम शारदीय नवसस्येष्टि पर्व है, जो शरद ऋतु में आने वाली फसल से जुड़ा है। इस दिन खरीफ की फसल घर आती है और रबी की बुवाई की शुरुआत होती है। वैदिक परंपरा के अनुसार भोजन ग्रहण करने से पूर्व अन्न को यज्ञ में आहुति देने की परंपरा रही है। यज्ञ में जयचंद बैसला, राजवती देवी, दिनेश, दीपक, सुमन, कुसुम, शिवम, कुणाल, कमल, आशु, शालिनी, तानिया, सोनिया और वंश सहित अनेक ग्रामीणों ने आहुति दी।