अल्ट्रासाउंड में लापरवाही व अभद्र व्यवहार पर डॉक्टर को चेतावनी
खेकड़ा कस्बे के एक मरीज के साथ बड़ौत स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर में कथित अभद्र व्यवहार और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच के बाद संबंधित चिकित्सक को चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने के निर्देश दिए हैं।
अल्ट्रासाउंड में लापरवाही व अभद्र व्यवहार पर डॉक्टर को चेतावनी
- खेकड़ा के अधिवक्ता की शिकायत पर सीएमओ सख्त
- जांच के बाद जारी किए कड़े निर्देश, दोहराव न होने की हिदायत
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के एक मरीज के साथ बड़ौत स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर में कथित अभद्र व्यवहार और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच के बाद संबंधित चिकित्सक को चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने के निर्देश दिए हैं।
खेकड़ा के सरस्वती नगर निवासी अधिवक्ता अमित कुमार ने 30 सितंबर 2025 को इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि बड़ौत के एक डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक चिकित्सक और वहां के स्टाफ ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। साथ ही अल्ट्रासाउंड जांच में लापरवाही बरतते हुए गलत रिपोर्ट देने का आरोप भी लगाया, जिससे उन्हें आर्थिक, मानसिक और भावनात्मक नुकसान उठाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. तीरथ लाल ने पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. मसूद अनवर को जांच सौंपी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों के बयान व साक्ष्य जुटाए गए। बताया गया कि संबंधित चिकित्सक को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन एक बार अनुपस्थित रहने के कारण जांच प्रक्रिया में विलंब हुआ। जांच रिपोर्ट जिला स्तरीय सलाहकार समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई, जहां सभी तथ्यों का गहन परीक्षण किया गया। समिति ने माना कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इस प्रकार का व्यवहार चिकित्सा सेवा की गरिमा के अनुरूप नहीं है। सीएमओ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक वरिष्ठ चिकित्सक हैं, इसलिए उनसे अपेक्षा है कि वे भविष्य में अधिक सावधानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। साथ ही उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि मरीजों के साथ शालीन व्यवहार रखें और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनकर समाधान करें। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। साथ ही जनपद के सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों के साथ व्यवहार में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।