फ्रंट कार्यालय व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार जारी

फ्रंट कार्यालय (फ्रंट ऑफिस) व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को खेकड़ा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

फ्रंट कार्यालय व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार जारी

फ्रंट कार्यालय व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार जारी
- दस्तावेज लेखक भी रहे शामिल
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
फ्रंट कार्यालय (फ्रंट ऑफिस) व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को खेकड़ा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि फ्रंट ऑफिस व्यवस्था लागू होने से उनकी पारंपरिक भूमिका सीमित हो जाएगी, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था से न केवल उनके रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि आम जनता को भी विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फ्रंट ऑफिस प्रणाली भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली साबित हो सकती है। उनका तर्क है कि दस्तावेज तैयार कराने और अन्य संबंधित कार्यों के लिए लोगों को निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ सकती है, जिससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण निर्णय को लागू करने से पहले बार एसोसिएशन, अधिवक्ताओं अथवा दस्तावेज लेखकों से कोई संवाद नहीं किया। बिना किसी पूर्व चर्चा के लिया गया यह एकतरफा फैसला न्यायसंगत नहीं है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। विरोध के तहत अधिवक्ताओं ने उपनिबंधन कार्यालय में तालाबंदी कर मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद बार एसोसिएशन की ओर से उपजिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक फ्रंट ऑफिस व्यवस्था को वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे रजिस्ट्री सहित सभी न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।