पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से बैंकों के चक्कर नहीं लगाने होंगेःडीएम
जिलाधिकारी ने की बैंकों के साथ बैठक
केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से बैंकों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और तय समय के भीतर ऋण स्वीकृत करना होगा। लंबित ऋण आवेदनों का जल्द ही निस्तारण किया जाएगा। जिससे किसी भी पात्र आवेदक को केवल तकनीकी कारणों से परेशान नहीं किया जा सके। यदि किसी आवेदन में कमी आती है तो इसकी सूचना तत्काल आवेदक को देकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जिला स्तरीय बैंकर्स सीमिति की बैठक के दौरान सभी बैंक अधिकारियों को दिए गए।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना और पीएम स्वनिधि योजना समेत अन्य सरकारी ऋण योजनाओं में शामिल युवाओं, महिलाओं, छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप शुरू करने वाले उद्यमियों को आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसे में स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। बैंक यदि समय पर ऋण स्वीकृति करेंगे तो बड़ी संख्या में नए उद्योग-धंधे शुरू किए जा सकेंगे।
लापरवाही करने वाले बैंकों पर रहेगी नजरःडीएम
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि सरकारी योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें। जिन बैंकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा। उनकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक किसी भी सूरत में पहुंचना चाहिए। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सैकड़ों युवा, महिला उद्यमी, स्ट्रीट वेंडर, छोटे व्यापारी और स्वरोजगार शुरू करने की तैयारी कर रहे लोगों को इसका सीधा लाभ प्राप्त हो सके।