झाड़ियों में रोती मिली लक्ष्मी, सैनी परिवार ने खोल दिए ममता के द्वार

बड़ागांव रोड स्थित रेलवे फाटक के पास झाड़ियों में लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची को आखिरकार एक नया परिवार मिल गया। जिस मासूम को किसी ने जन्म के कुछ ही घंटों बाद मरने के लिए बारिश और झाड़ियों के बीच छोड़ दिया था, उसी बच्ची को खेकड़ा के एक परिवार ने सीने से लगाकर नया जीवन देने का संकल्प लिया है। परिवार ने बच्ची का नाम लक्ष्मी रखा है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे विधिवत गोद लेने की तैयारी शुरू कर दी है।

झाड़ियों में रोती मिली लक्ष्मी, सैनी परिवार ने खोल दिए ममता के द्वार

झाड़ियों में रोती मिली लक्ष्मी, सैनी परिवार ने खोल दिए ममता के द्वार
- रेलवे लाइन के पास लावारिस मिली नवजात को मिला नया परिवार, कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गोद लेंगे दंपति
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
बड़ागांव रोड स्थित रेलवे फाटक के पास झाड़ियों में लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची को आखिरकार एक नया परिवार मिल गया। जिस मासूम को किसी ने जन्म के कुछ ही घंटों बाद मरने के लिए बारिश और झाड़ियों के बीच छोड़ दिया था, उसी बच्ची को खेकड़ा के एक परिवार ने सीने से लगाकर नया जीवन देने का संकल्प लिया है। परिवार ने बच्ची का नाम लक्ष्मी रखा है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे विधिवत गोद लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
रामपुर मोहल्ला निवासी राकेश सैनी सुबह घर से कूड़ा डालने निकले थे। इसी दौरान बड़ागांव रेलवे फाटक के पास झाड़ियों से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी सविता सैनी को मौके पर बुलाया। दोनों ने बिना देर किए मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला और डॉक्टर के पास ले जाकर उसका प्राथमिक उपचार कराया। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची रातभर बारिश के बीच झाड़ियों में पड़ी रही थी, फिर भी उसकी जीवटता ने सभी को हैरान कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को सैनी परिवार अपने घर ले आया। इस बीच राकेश सैनी के छोटे भाई दीपक सैनी ने बच्ची के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उठाने की इच्छा जताई। परिवार ने बताया कि दीपक और उनकी पत्नी की शादी को चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक संतान का सुख नहीं मिला था। ऐसे में उन्होंने इस मासूम को अपनी बेटी के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। सविता सैनी भावुक होकर बताया कि भगवान ने हमें हमारी लक्ष्मी दी है, इसलिए हमने उसका नाम लक्ष्मी रखा है। परिवार ने इस पूरे मामले की सूचना तत्काल 1076 हेल्पलाइन पर दे दी है और स्पष्ट किया है कि बच्ची को गोद लेने की पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। जिस मासूम को किसी ने बेसहारा छोड़ दिया था, आज वही बच्ची एक ऐसे परिवार की गोद में है, जहां उसे ममता, सुरक्षा और एक नई पहचान मिलने जा रही है। फिलहाल परिवार में लक्ष्मी के आने से खुशी का माहौल है और हर कोई उसे ईश्वर का आशीर्वाद मान रहा है।