कब्जा देने में देरी पड़ी एनबीसीसी को भारी, आवंटियों को मिलेगा मुआवजा

खेकड़ा के एनबीसीसी टाउन में आवंटियों को निर्धारित समय पर आवास का कब्जा नहीं देने के मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी), नई दिल्ली ने एनबीसीसी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। शशि कुमार एवं नौ अन्य बनाम एनबीसीसी लिमिटेड एवं अन्य मामले में आयोग ने कब्जे में हुई देरी की अवधि के लिए छह प्रतिशत वार्षिक की दर से मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। फैसले से लंबे समय तक कब्जे का इंतजार करने वाले आवंटियों को राहत मिली है।

कब्जा देने में देरी पड़ी एनबीसीसी को भारी, आवंटियों को मिलेगा मुआवजा

कब्जा देने में देरी पड़ी एनबीसीसी को भारी, आवंटियों को मिलेगा मुआवजा
- एनबीसीसी टाउन के आवंटियों के पक्ष में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का अहम फैसला
- तय तारीख से कब्जे के प्रस्ताव तक छह प्रतिशत सालाना की दर से मिलेगा मुआवजा
- दो माह में भुगतान नहीं किया तो नौ प्रतिशत की दर से देना होगा मुआवजा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
खेकड़ा के एनबीसीसी टाउन में आवंटियों को निर्धारित समय पर आवास का कब्जा नहीं देने के मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी), नई दिल्ली ने एनबीसीसी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। शशि कुमार एवं नौ अन्य बनाम एनबीसीसी लिमिटेड एवं अन्य मामले में आयोग ने कब्जे में हुई देरी की अवधि के लिए छह प्रतिशत वार्षिक की दर से मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। फैसले से लंबे समय तक कब्जे का इंतजार करने वाले आवंटियों को राहत मिली है।
आयोग के आदेश के अनुसार मुआवजे की गणना आवास का कब्जा दिए जाने की निर्धारित तारीख से लेकर एनबीसीसी की ओर से वास्तविक कब्जे का प्रस्ताव दिए जाने की तारीख तक की जाएगी। मामले में आवंटियों के आवास की निर्धारित कब्जा तिथि 30 अप्रैल 2013 थी। इसके बावजूद उन्हें तय समय पर कब्जा नहीं मिला और एनबीसीसी की ओर से वर्ष 2015 में अलग-अलग तारीखों पर कब्जे के प्रस्ताव दिए गए। आवंटियों की ओर से देरी के एवज में 18 प्रतिशत सालाना मुआवजे की मांग की गई थी। आयोग ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए छह प्रतिशत वार्षिक की दर से मुआवजा निर्धारित किया। एनबीसीसी को आदेश के अनुपालन में मुआवजे का भुगतान दो माह के भीतर करना होगा। आयोग ने भुगतान में देरी पर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। दो माह की निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर विलंबित अवधि के लिए नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से मुआवजा देना होगा। एनबीसीसी टाउन से जुड़े इस आदेश को कब्जे में देरी झेल रहे आवंटियों के लिए अहम माना जा रहा है।