हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अधीन रहेगी नगर पंचायत
रटौल नगर पंचायत में चल रहे निर्वाचन विवाद को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। तहसील प्रशासन की जांच आख्या में कहा गया है कि निर्वाचन विवाद के न्यायालय में विचाराधीन रहने तक नगर पंचायत में इस संबंध में कोई प्रशासनिक निर्णय अथवा कार्यभार से जुड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती। नगर पंचायत की आगे की कार्रवाई उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के अधीन रहेगी।
रटौल नगर पंचायत विवाद-
हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अधीन रहेगी नगर पंचायत
- सुनवाई पूरी होने तक प्रशासनिक निर्णय और कार्यभार संबंधी कार्रवाई पर रोक
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
रटौल नगर पंचायत में चल रहे निर्वाचन विवाद को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। तहसील प्रशासन की जांच आख्या में कहा गया है कि निर्वाचन विवाद के न्यायालय में विचाराधीन रहने तक नगर पंचायत में इस संबंध में कोई प्रशासनिक निर्णय अथवा कार्यभार से जुड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती। नगर पंचायत की आगे की कार्रवाई उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के अधीन रहेगी।
रटौल निवासी हाजी मुंतजिर ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर संदर्भ संख्या 40013926014215 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मांग की गई थी कि उच्चतम न्यायालय के 24 अगस्त के आदेश और इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में, सक्षम निर्वाचन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्वाचन विवाद का स्वतंत्र रूप से गुण-दोष के आधार पर निर्णय किए जाने तक किसी भी पक्ष के पक्ष में ऐसा कोई प्रशासनिक आदेश या कार्रवाई न की जाए, जिससे निर्वाचन परिणाम प्रभावित हो। शिकायत का संज्ञान लेते हुए खेकड़ा तहसील प्रशासन वृतिका श्रीवास्तव ने जांच कर आख्या प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि रटौल नगर पंचायत से संबंधित निर्वाचन विवाद वर्तमान में उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के क्रम में सक्षम निर्वाचन ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। तहसील प्रशासन के अनुसार, मामला न्यायालय के क्षेत्राधिकार में लंबित होने के कारण नगर पंचायत की ओर से इस संबंध में कोई प्रशासनिक निर्णय अथवा कार्यभार से संबंधित कार्रवाई किया जाना विधिक रूप से बाधित है। प्रशासन की रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट होने के बाद शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर दिए गए समाधान पर पूर्ण संतुष्टि भी व्यक्त की है। इससे फिलहाल रटौल नगर पंचायत में निर्वाचन विवाद पर न्यायालयीय प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासनिक स्थिति यथावत रहने के संकेत हैं।