दंगल में गूंजे तालियों के शोर, कपिल खेकड़ा ने चित किया पानीपत का दीपक

गणेश चतुर्थी भादो चौथ के अवसर पर सोमवार को रामलीला मैदान खेकड़ा में आयोजित विशाल दंगल में पहलवानों ने दमखम दिखाया। सबसे बड़ी 31 हजार रुपये की कुश्ती में खेकड़ा के कपिल पहलवान ने पानीपत के दीपक पहलवान को चित कर मुकाबला अपने नाम किया। रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए क्षेत्रभर से हजारों की संख्या में ग्रामीण रामलीला मैदान पहुंचे। पहलवानों के दांव-पेच पर दर्शक तालियों और जयकारों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे।

दंगल में गूंजे तालियों के शोर, कपिल खेकड़ा ने चित किया पानीपत का दीपक

दंगल में गूंजे तालियों के शोर, कपिल खेकड़ा ने चित किया पानीपत का दीपक
- 31 हजार की सबसे बड़ी कुश्ती पर कपिल ने जमाया कब्जा, हजारों दर्शक बने रोमांचक मुकाबलों के गवाह
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
गणेश चतुर्थी भादो चौथ के अवसर पर सोमवार को रामलीला मैदान में आयोजित विशाल दंगल में पहलवानों ने दमखम दिखाया। सबसे बड़ी 31 हजार रुपये की कुश्ती में खेकड़ा के कपिल पहलवान ने पानीपत के दीपक पहलवान को चित कर मुकाबला अपने नाम किया। रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए क्षेत्रभर से हजारों की संख्या में ग्रामीण रामलीला मैदान पहुंचे। पहलवानों के दांव-पेच पर दर्शक तालियों और जयकारों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे।
खेकड़ा में दादा महारम की स्मृति में गणेश चतुर्थी भादो चौथ पर दस दिवसीय भादो मेले का आयोजन होता था। आजादी से पहले से चली आ रही इस प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा में चौथ के दिन विशाल दंगल विशेष आकर्षण का केंद्र रहता था। कोरोना काल के दौरान भादो मेला बंद होने के बाद दोबारा शुरू नहीं हो सका, लेकिन दंगल की परंपरा अब भी जारी है। सोमवार को रामलीला मैदान में आयोजित दंगल का शुभारंभ नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. सुरेंद्र धामा ने पहलवानों के हाथ मिलवाकर किया। इसके बाद एक के बाद एक रोमांचक मुकाबले हुए। 31 हजार रुपये की कुश्ती में कपिल खेकड़ा ने दीपक पानीपत को हराया। 21 हजार रुपये की दूसरी बड़ी कुश्ती में सुमित खड़खड़ी ने आशीष पटियाला को शिकस्त दी। 11 हजार रुपये की तीसरी बड़ी कुश्ती में उज्जवल खेकड़ा ने विशाल रोहतक को हराकर जीत दर्ज की। 5100 रुपये की कुश्ती में रजत मलकपुर ने बिन्नी बिरौली को हराया। इसके अलावा काला काठा, विशेष पाली, शिवम बदरखा, अन्नू सैदपुर, रजत मिलकपुर, फैजल लोनी, दीप बड़ौत, सिद्धू नवराजपुर और तुषार निठोरा ने भी अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल की। दंगल का संचालन आनंद यादव ने किया। आयोजन को सफल बनाने में सत्यवीर सिंह यादव, जयसिंह यादव, राजेश यादव, जगपाल यादव, राजेंद्र यादव, जितेंद्र यादव और अनंत यादव सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।