सपा और कांग्रेस का सीटों वाला मास्टर प्लान तैयार
कांग्रेस को मिल सकती है नोएडा विधान सभा
तेजस न्यूज संवाददात
उत्तर प्रदेश के 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर इंडी गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा काफी ज्यादा तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की तरफ से सीटों का एक संभावित फॉर्मूला तैयार किया गया है। चर्चा है कि सपा 403 विधान सभा सीटों में से 328 सीटों पर अपने चुनाव चिह्न साइकिल के साथ उम्मीदवार उतार सकती है। वहीं, कांग्रेस के लिए 75 सीटें छोड़े जाने का प्रस्ताव समाजवादी पार्टी की तरफ से रखा जा सकता है। हालांकि, अभी तक सीट शेयरिंग पर किसी भी दल के बीच कोई सहमति नहीं बनी है। वहीं, समाजवादी पार्टी के सूत्र यह भी बताते हैं कि नोएडा विधान सभा सीट कांग्रेस के पास जा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला सितंबर के अंतिम सप्ताह तक हो सकता है।

समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने मजबूत राजनीतिक आधार वाली सीटों पर सीधे चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इसी के चलते पार्टी ने 328 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। वहीं, कांग्रेस को करीब 75 सीटें देने की बात सामने आ रही है। अब यह देखना काफी ज्यादा दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करती है या उस प्रस्ताव को ठुकरा देती है।
कांग्रेस को 200 सीटें मिलना काफी ज्यादा मुश्किल
उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस 200 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में प्रस्तावित 75 सीटों और कांग्रेस की 200 सीटों की मांग में एक बड़ा अंतर नजर आ रहा है। दोनों दलों के नेता इस अंतर को काफी ज्यादा कम करना चाहते हैं। जिसके चलते ऐसा माना जा रहा है कि सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के नेताओं की कई स्तरों पर बातचीत हो सकती है।
कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतर सकते हैं सपा प्रत्याशी
समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित सीट शेयरिंग फॉर्मूले में एक दिलचस्प रणनीति साफ नजर आ रही है। कांग्रेस के खाते में जाने वाली कुछ विधान सभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के कुछ प्रत्याशी कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ सकते हैं।
सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस पर टिकी अब नजर
समाजवादी पार्टी के संभावित सीट शेयरिंग फॉर्मलू के बाद अब कांग्रेस के अगले कदम पर उत्तर प्रदेश की जनता पर निगाहें टिक गई है। विधान सभा चुनावों से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। समाजवादी पार्टी कांग्रेस को केवल उन सीटों को देना चाहती है, जहां कांग्रेस का प्रत्याशी आसानी से चुनाव जीत सकता है।
नोएडा विधान सभा जा सकती है कांग्रेस के पास
समाजवादी पार्टी के संभावित सीट बंटवारे के फॉर्मूले में कांग्रेस को सबसे ज्यादा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटें मिलना लगभग तय माना जा रहा है। इसमें नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा और आगरा समेत कई सीटों के नाम अब तक सामने आ रहे हैं। हालांकि, इसमें से अधिकांश सीटों पर पिछले कई सालों से भाजपा का कब्जा जमा हुआ है। इसके अलावा वाराणसी क्षेत्र में भी कांग्रेस को कुछ सीटें मिलने की संभावना है। जिसमें वाराणसी उत्तर, वाराणसी दक्षिण, वाराणसी कैंट और सेवापुरी जैसी सीटें शामिल हैं।
प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस का संगठन कमजोर
समाजवादी पार्टी का मानना है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस का संगठन काफी ज्यादा कमजोर है। जिसमें मुख्य रूप से मैनपुरी, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, रामपुर और मुरादाबाद समेत कई जिले शामिल हैं। ऐसे में इन सीटों पर समाजवादी पार्टी चुनाव लड़कर गठबंधन को मजबूत करना चाहती है।
2027 में अखिलेश होंगे गठबंधन के चेहरे
लोक सभा चुनाव के दौरान इंडिया ब्लॉक की उत्तर प्रदेश में रणनीति में राहुल गांधी की भूमिका काफी अहम थी। अब विधान सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव को केंद्र में रखकर चुनावी अभियान चलाना चाहती है।