गौतमबुद्ध नगर में राजनीतिक दलों के बीच महिला प्रत्याशियों को लेकर बढ़ा बल

महिला आरक्षण बिल के बाद राजनीतिक दलों में लगातार बढ़ रहा दबाव

गौतमबुद्ध नगर में राजनीतिक दलों के बीच महिला प्रत्याशियों को लेकर बढ़ा बल

तेजस न्यूज संवाददाता 

गौतमबुद्ध नगर से करीब 70 साल पहले कांग्रेस की सत्यवती रावल को दादरी विधान सभा सीट से टिकट दिया गया था। जिसके बाद वह चुनाव जीतकर विधायक बनी थी। इसके बाद अलावा नोएडा विधान सभा सीट से विमला बाथम को टिकट दिया गया था। जिसके बाद वह चुनाव जीतकर विधायक बनी थी। हालांकि, उन्हें भाजपा की तरफ से उप चुनाव के दौरान टिकट दिया गया था। पिछले कई सालों से गौतमबुद्ध नगर की सभी विधान सभा सीटों पर पुरुष नेताओं का सबसे ज्यादा वर्चस्व रहा है। 


केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लगातार महिला आरक्षण को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस और क्षेत्रीय दावेदारियों के बीच अब नोएडा, दादरी और जेवर विधान सभा सीट पर महिला दावेदारों की सक्रियता काफी ज्यादा बढ़ गई है। गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों के बीच महिलाओं को मैदान में उतारने के अलावा महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का लगातार दबाव बढ़ रहा है।
नोएडा, सिकंदराबाद और खुर्जा में उतर चुकी है महिला प्रत्याशी
भाजपा ने साल 2014 के नोएडा विधान सभा सीट पर हुए उपचुनाव में विमला बाथम को प्रत्याशी बनाया था। वह नोएडा विधान सभा सीट पर पहली महिला विधायक बनी थी। सिकंदराबाद से विमला सोलंकी पहली बार विधायक बनी थी। इस समय बुलंदशहर की खुर्जा विधान सभा सीट से भाजपा की मीनाक्षी सिंह विधायक हैं।
जेवर और दादरी से अब तक नहीं मिला महिला को टिकट
गौतमबुद्ध नगर लोक सभा की बात करें तो अब तक केवल दादरी और जेवर विधान सभा सीट से किसी महिला प्रत्याशी को टिकट नहीं मिल सका है। हालांकि, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद दादरी और जेवर विधान सभा सीट पर महिला नेताओं की दावेदारी सबसे ज्यादा नजर आ रही है।
दादरी में गीता पंडित का नाम सबसे आगे
भाजपा में दादरी नगरपालिका की चेयरमैन गीता पंडित की दावेदारी स्थानीय स्तर पर काफी ज्यादा बढ़ गई है। वह भाजपा में सबसे पुरानी और संगठित नेता मानी जाती है। नगर निकाय का अनुभव और क्षेत्रीय संपर्क भी इस समय उनके पक्ष में जा रहा है। दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा के पूर्व जीएम रवींद्र तोगड़ की पत्नी कुशल सिंह भी काफी ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। कुशल सिंह को टिकट मिलने में दिक्कत उनके पति की छवि मानी जा रही है। ग्रेटर नोएडा के पूर्व जीएम रवींद्र तोगड़ हाल के महीनों में काफी ज्यादा विवादित रहे हैं।
नोएडा पर शालिनी सिंह की बढ़ रही सक्रियता
नोएडा विधान सभा सीट पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह की सक्रियता पिछले कुछ महीनों के भीतर काफी ज्यादा बढ़ गई है। वह पिछले कुछ दिनों से सभी सामाजिक कार्यक्रमों, स्कूलों और स्थानीय मंचों पर नजर आ रही है। इसके अलावा नोएडा विधान सभा सीट की खामियों पर भी जमकर हमला कर रही हैं।