रामलीला मंचन से पहले गांधी प्याऊ पर स्थापित हुआ रामध्वज

खेकड़ा कस्बे की ऐतिहासिक रामलीला के मंचन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में नौ अक्टूबर से गांधी प्याऊ पर रामलीला का मंचन किया जाएगा। रविवार को श्रीराम मंदिर से गांधी प्याऊ तक भव्य रामध्वज यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे के साथ निकली यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। गांधी प्याऊ पहुंचने पर विधि-विधान के साथ रामध्वज की स्थापना की गई।

रामलीला मंचन से पहले गांधी प्याऊ पर स्थापित हुआ रामध्वज

रामलीला मंचन से पहले गांधी प्याऊ पर स्थापित हुआ रामध्वज
- बैंड-बाजे के साथ निकली रामध्वज यात्रा, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा कस्बा
- नौ अक्टूबर से शुरू होगा रामलीला मंचन, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा दशहरा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे की ऐतिहासिक रामलीला के मंचन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में नौ अक्टूबर से गांधी प्याऊ पर रामलीला का मंचन किया जाएगा। रविवार को श्रीराम मंदिर से गांधी प्याऊ तक भव्य रामध्वज यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे के साथ निकली यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। गांधी प्याऊ पहुंचने पर विधि-विधान के साथ रामध्वज की स्थापना की गई।
दशहरा पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इससे पहले नौ से 19 अक्टूबर तक गांधी प्याऊ पर परंपरागत रामलीला का मंचन होगा। रविवार को धार्मिक रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और रामभक्तों ने श्रीराम मंदिर से रामध्वज यात्रा शुरू की। यात्रा बैंड-बाजे के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई गांधी प्याऊ पहुंची। इस दौरान वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। गांधी प्याऊ पर विधि-विधान से रामध्वज की स्थापना के साथ ही रामलीला मंचन का विधिवत शुभारंभ हो गया। रामलीला के निदेशक एवं खाप चौधरी नरेश शर्मा ने बताया कि गौशाला स्थित शनिदेव मंदिर परिसर में रविवार रात से ही कलाकारों की रिहर्सल शुरू कर दी जाएगी। इस बार रामलीला मंचन में नए कलाकारों को भी अवसर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कलाकारों द्वारा मंचन को आकर्षक और जीवंत बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। रामध्वज यात्रा में नेतराम रुहेला, पुनीत शर्मा, मुकेश गौड़, रविन्द्र कुमार, आदेश धामा, पुष्पेन्द्र कुमार, दीपक शर्मा, गौतम पंडित, संजय गौड़, सन्नी गुप्ता, अनुराग, हेमंत चंदेला, शरदानंद पांचाल, तरुण गुप्ता, राजू पांचाल, पंडित रमेंद्र शास्त्री, अखिलेश शास्त्री सहित बड़ी संख्या में रामभक्त शामिल रहे।