हरियाली तीज पर झूलों की पींगों और पतंगों से सराबोर हुआ खेकड़ा

खेकड़ा कस्बे में रविवार को हरियाली तीज का पर्व पारंपरिक उल्लास और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं और युवतियों ने हाथों में मेहंदी रचाकर और झूलों पर सावन के गीत गाकर त्योहार की रौनक को बढ़ाया।

हरियाली तीज पर झूलों की पींगों और पतंगों से सराबोर हुआ खेकड़ा

हरियाली तीज पर झूलों की पींगों और पतंगों से सराबोर हुआ खेकड़ा
महिलाओं ने सजाया श्रृंगार, युवाओं ने की पतंगबाजी, गूंजे सावन के गीत
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में रविवार को हरियाली तीज का पर्व पारंपरिक उल्लास और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं और युवतियों ने हाथों में मेहंदी रचाकर और झूलों पर सावन के गीत गाकर त्योहार की रौनक को बढ़ाया।
सुबह से ही महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर तीज महोत्सव में भाग लिया। घर-आंगनों और पार्कों में झूले सजाए गए, जिन पर बैठकर महिलाओं ने झूला पड़े मधुबन में जैसे गीतों पर झूलों की पींगे बढ़ाईं। हरियाली तीज पर श्रृंगार का विशेष महत्व होता है, इसी को ध्यान में रखते हुए महिलाओं ने पहले ही दिन से तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। इधर युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। युवकों ने छतों पर चढ़कर जमकर पतंगबाजी की। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज गया। एक-दूसरे की पतंग काटने पर वो काटा के नारों और डीजे की धुनों पर थिरकते युवाओं ने दिनभर माहौल को जश्न में डूबोए रखा। जनश्रुति है तीज बो गई बीज यानी तीज त्योहारों की श्रृंखला की शुरुआत करती है। अब नागपंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी जैसे त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।