बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए अपनाएं आयुर्वेदिक उपाय
बरसात का मौसम जहां एक ओर हरियाली और ठंडक लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह मौसम सेहत के लिहाज से कई चुनौतियां भी उत्पन्न करता है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त और त्वचा संबंधी रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। रटौल पीएचसी की प्रभारी डॉ. मीना ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और आयुर्वेद के कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाने की बात कही है।
बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए अपनाएं आयुर्वेदिक उपाय
- डॉ. मीना ने दिए स्वास्थ्य संबंधी सुझाव, कहा – रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
बरसात का मौसम जहां एक ओर हरियाली और ठंडक लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह मौसम सेहत के लिहाज से कई चुनौतियां भी उत्पन्न करता है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त और त्वचा संबंधी रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। रटौल पीएचसी की प्रभारी डॉ. मीना ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और आयुर्वेद के कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाने की बात कही है।
डॉ. मीना ने बताया कि मानसून के मौसम में वातावरण में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में हल्दी और तुलसी का काढ़ा पीना, त्रिकटु चूर्ण का नियमित सेवन तथा गुनगुने पानी का उपयोग लाभकारी होता है। ये उपाय शरीर को संक्रमण से लड़ने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने बताया कि नीम और गिलोय का सेवन इस मौसम में विशेष रूप से लाभकारी होता है। ये शरीर को भीतर से मजबूत करते हैं और मौसमी बीमारियों से रक्षा करते हैं। डॉ. मीना ने लोगों से अपील की कि बारिश में भीगने से बचें, साफ-सफाई का ध्यान रखें, संतुलित आहार लें और यदि कोई भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।