उफनती यमुना पर बागपत जिला प्रशासन हुआ सतर्क
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण यमुना नदी में उफान आने से खेकड़ा तहसील क्षेत्र के कई गांवों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम अस्मिता लाल ने बुधवार को स्वयं विभिन्न तटबंधों और बांधों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए बाढ़ नियंत्रण तैयारियों को मजबूत करने और किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उफनती यमुना पर प्रशासन हुआ सतर्क
- डीएम अस्मिता लाल ने बांधों व तटबंधों का किया निरीक्षण
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण यमुना नदी में उफान आने से खेकड़ा तहसील क्षेत्र के कई गांवों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम अस्मिता लाल ने बुधवार को स्वयं विभिन्न तटबंधों और बांधों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए बाढ़ नियंत्रण तैयारियों को मजबूत करने और किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम अस्मिता लाल सबसे पहले काठा गांव के तटबंध पर पहुंचीं, जहां उन्होंने यमुना नदी के तेज बहाव, तटबंध की मजबूती और खेतों में डूबी फसलों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। इसके बाद वे मवीकला गांव खादर पहुंचीं और बांधों व ठोकरों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके उपरांत डीएम ने सांकरौद, अब्दुलपुर और सुभानपुर गांव खादर का दौरा कर वहां के तटबंधों, बांधों और किसानों की फसलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यमुना के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। अंत में डीएम अलीपुर तट पर पहुंचीं, जहां यमुना का तेज बहाव तट से टकरा रहा था। उन्होंने तटबंध की मजबूती का जायजा लिया और बाढ़ सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को यमुना तट पर कैंप स्थापित कर लगातार निगरानी रखने और किसी भी क्षति की स्थिति में तत्काल मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
यमुना का जलस्तर 209.65 मीटर, प्रशासन हाई अलर्ट पर
अलीपुर तटबंध पर बुधवार को यमुना का जलस्तर 209.65 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले में 12 बाढ़ चौकियाँ सक्रिय कर दी हैं, जहां कर्मचारियों को सतर्कता के साथ तैनात किया गया है। डीएम ने कहा कि हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने तहसील प्रशासन, सिंचाई विभाग और राजस्व टीमों को समन्वय बनाकर कार्य करने, प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त लगाने और किसानों की फसलों को होने वाले संभावित नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी खेकड़ा निकेत वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।


