नगरपालिका ने अपनाई फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति

खेकड़ा नगरपालिका बोर्ड की बैठक में बुधवार को विकास के लिए ढाई करोड रूपये के प्रस्ताव पारित हुए। मल कीचड सेप्टेज टेंक सफाई के लिए फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति अपनाने का निर्णय लिया गया।

नगरपालिका ने अपनाई फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति

नगरपालिका ने अपनाई फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति
- मंगलवार को बोर्ड बैठक में ढाई करोड के प्रस्ताव हुए पास
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
नगरपालिका बोर्ड की बैठक में बुधवार को विकास के लिए ढाई करोड रूपये के प्रस्ताव पारित हुए। मल कीचड सेप्टेज टेंक सफाई के लिए फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति अपनाने का निर्णय लिया गया।
नगरपालिका बोर्ड की बैठक मंगलवार को चेयरपर्सन नीलम धामा की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभासदों ने अपने वार्डाे के लाइट, खडंजे, पुलिया आदि के प्रस्ताव रखे। सफाई व्यवस्था को दुरस्त रखने पर बल दिया गया। विकास के लिए ढाई करोड रूपये के प्रस्ताव पारित हुए। इनमें एलईडी लाईट मरम्मत कर पथ प्रकाश सुव्यवस्थित करने, पानी की पाईप लाइन लीकेज मरम्मत, कर निर्धारण सूची में संशोधन और परिवर्तन, काले सिंह मंदिर मार्ग के साथ सहायक गलियों मे नाली निर्माण आदि निर्णय लिए गए। मल कीचड सेप्टेज टेंक सफाई के लिए फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति अपनाने का निर्णय लिया गया। इससे वैज्ञानिक तरीके से मल कीचड़ के निपटान का मॉडल बनेगा। पर्यावरण और स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा। बैठक में अधिशासी अधिकारी हरिलाल पटेल, नीरज शर्मा आदि शामिल रहे।
क्या है फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन नीति
शहरी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नगरपालिका ने फीकल यानि स्लज मल कीचड़ और सेप्टेज यानि सेप्टिक टैंक के कचरे के प्रबंधन की नीति को लागू कर दिया है। इस नीति के तहत अब मल और सेप्टिक टैंक से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा, जिससे गंदगी, बीमारियों और जल प्रदूषण से बचाव किया जा सके। चेयरपर्सन नीलम धामा ने बताया कि नगरपालिका इस नीति के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण कार्यों को अमल में लाएगी। सेप्टिक टैंकों से निकाले गए मल कीचड़ और सेप्टेज को पर्यावरण अनुकूल तकनीकों से उपचारित कर वैज्ञानिक उपचार किया जाएगा। ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी जहां इस कचरे का सुरक्षित तरीके से निपटान किया जा सके। मल प्रबंधन से जुड़े सफाईकर्मियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए जाएंगे और उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जनभागीदारी के तहत नागरिकों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा ताकि वे अपने सेप्टिक टैंकों की नियमित सफाई करवाएं और सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करें। नीति के तहत मल से खाद या बायो ऊर्जा जैसे उपयोगी संसाधन भी तैयार किए जा सकते हैं। ईओ हरिलाल पटेल ने बताया कि यह नीति न सिर्फ शहर को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगी।
ये सभासद रहे शामिल
गजेन्द्र धामा, संजय धामा, महक सिंह, पिंकी देवी, रूबी कश्यप, मुस्तकीम, नजीर, सतेन्द्र, बबीता, बिजेन्द्र, शमीम, फईमुददीन, सुरेशपाल, सविता, शिखा देवी, बबीता देवी, सपना देवी, सुभाष, संजीव कुमार, रूबी देवी, राखी यादव, ममता अग्रवाल, महताब खान, लियाकत अली