दशलक्षण पर्व के पांचवे दिन खेकड़ा व बड़ागांव में हुआ उत्तम सत्य धर्म का पूजन

दशलक्षण महापर्व के पांचवे दिन सोमवार को खेकड़ा व बड़ागांव के भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर उत्तम सत्य धर्म की पूजा-अर्चना की गई। सुबह 7 बजे भगवान महावीर का अभिषेक, जिनालय की शांति धारा और शांति धारा पूजन बड़े हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ।

दशलक्षण पर्व के पांचवे दिन खेकड़ा व बड़ागांव में हुआ उत्तम सत्य धर्म का पूजन

दशलक्षण पर्व के पांचवे दिन खेकड़ा व बड़ागांव में हुआ उत्तम सत्य धर्म का पूजन
- भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
- भजन व प्रवचन से गुंजायमान रहा मंदिर परिसर
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
दशलक्षण महापर्व के पांचवे दिन सोमवार को कस्बे के भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर उत्तम सत्य धर्म की पूजा-अर्चना की गई। सुबह 7 बजे भगवान महावीर का अभिषेक, जिनालय की शांति धारा और शांति धारा पूजन बड़े हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ।
भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक और शांति धारा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ब्रहमचारी ऋषभ जैन और प्रशांत जैन ने मंत्रोचार के साथ गौरव जैन व अतिश्य जैन से जिन प्रतिमाओं का अभिषेक संपन्न कराया। इसके उपरांत मंदिर परिसर में जिन पूजन, जिन गुण सम्पत्ति पूजन विधान का आयोजन हुआ। प्रवचन में ऋषभ भैयाजी ने उत्तम सत्य धर्म की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य एक ऐसा माली है जो जीवनरूपी बगिया को सजाता है। सत्य एक औषधि है जो सबका उपचार करता है और सभी रोगों का नाश कर देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में सत्य, संयम और अहिंसा को अपनाने का आह्वान किया। खेकड़ा के शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, पदमावती धाम जैन मंदिर के अलावा बड़ागांव तीर्थ क्षेत्र में भी दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। यहां भी भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा का अभिषेक और उत्तम सत्य धर्म की पूजा विधि-विधान से की गई। धर्मावलम्बियों में प्रवीन जैन, अमित जैन टिन्कू, आभा जैन, सुषमा जैन, बीना जैन, वीरेन्द्र जैन, अनिता जैन आदि शामिल रहे। रात्रि में मंदिर प्रांगण में मौल्या जी द्वारा प्रेरणादायक प्रवचन एवं प्रश्न मंच का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर परिसर दिनभर भजन-कीर्तन, आरती और पूजन-अर्चना से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर से सत्य, अहिंसा, शांति और समृद्धि की कामना की।