गेल कंपनी और किसानों की वार्ता विफल, भड़का आक्रोश
गेल इंडिया कंपनी और किसानों के बीच गुरुवार को तहसील में हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। कंपनी अधिकारी बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश फैल गया।
गेल कंपनी और किसानों की वार्ता विफल, भड़का आक्रोश
खेकड़ा।
गेल इंडिया कंपनी और किसानों के बीच गुरुवार को तहसील में हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। कंपनी अधिकारी बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश फैल गया।
काठा गांव के किसान लंबे समय से गैस पाइपलाइन से जुड़ी भूमि का बकाया मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार और कंपनी ने अब तक वादे पूरे नहीं किए। बैठक में किसानों ने बकाया भुगतान के साथ-साथ पाइपलाइन का सुरक्षा कवच बनाने और रख-रखाव के लिए चौकियां स्थापित करने की मांग रखी। किसानों का आरोप था कि यमुना नदी में गैस पाइपलाइन कई बार फट चुकी है। यदि खुले क्षेत्र में पाइपलाइन फटी तो जन-धन का भारी नुकसान हो सकता है। अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर सहमति जताई, लेकिन मुआवजा और अन्य मांगों पर गोलमोल जवाब दिए। जब किसानों ने स्पष्ट जवाब देने का दबाव बनाया तो अधिकारी बैठक छोड़कर चले गए। इससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। बैठक में विनोद कुमार, राजेंद्र प्रधान, रमेश कुमार, अंकित कुमार, अनिल कुमार, मुकेश कुमार समेत कई गांवों के किसान शामिल हुए और कंपनी के रवैये पर नाराजगी जताई।