विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक संगोष्ठी

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बागपत में एक दिवसीय स्कूल वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों ने किसानों को मिट्टी संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक संगोष्ठी

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक संगोष्ठी
- वक्ता बोले—मिट्टी का स्वास्थ्य जानकर करें खेती, तभी बढ़ेगी आय
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बागपत में एक दिवसीय स्कूल वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों ने किसानों को मिट्टी संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मृदा के पोषण संतुलन, जैविक खाद, कम्पोस्ट तथा हरी खाद के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही मिट्टी परीक्षण की अनिवार्यता और उसके आधार पर उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के लाभ समझाए। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक रासायनिक खादों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार घटती है, इसलिए जैविक तरीकों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। संगोष्ठी में उप निदेशक कृषि विभाती चतुर्वेदी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, केवीके प्रभारी डॉ. लक्ष्मीकांत, डॉ. विवेकराज और डॉ. विकास कुमार ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन महेश खोखर ने किया। बड़ी संख्या में किसानों ने प्रतिभाग कर मृदा स्वास्थ्य सुधार से संबंधित तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।