चीनी मिलों के उपाध्यक्ष अब बनेंगे अध्यक्ष
प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में अब उपाध्यक्षों को अध्यक्ष का दर्जा मिलने की तैयारी है। बुधवार को शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान में आयोजित प्रदेश स्तरीय गन्ना समितियों की बैठक में गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने इसके लिए कानून लाने का आश्वासन दिया।
चीनी मिलों के उपाध्यक्ष अब बनेंगे अध्यक्ष
- गन्ना मंत्री ने प्रदेश स्तरीय बैठक में दिया आश्वासन
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में अब उपाध्यक्षों को अध्यक्ष का दर्जा मिलने की तैयारी है। बुधवार को शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान में आयोजित प्रदेश स्तरीय गन्ना समितियों की बैठक में गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने इसके लिए कानून लाने का आश्वासन दिया।
बैठक में प्रदेश की 158 गन्ना समितियों के अध्यक्ष शामिल हुए। बागपत सहकारी चीनी मिल के उपसभापति कृष्णपाल चेयरमेन ने बताया कि वर्तमान में सहकारी चीनी मिलों के अध्यक्ष जिलाधिकारी नामित होते हैं। जिलाधिकारी अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण बैठकों का आयोजन नियमित रूप से नहीं हो पाता। ऐसे में प्रस्ताव रखा गया कि चुने हुए उपाध्यक्ष को ही अध्यक्ष का दर्जा दिया जाए। गन्ना मंत्री ने इस सुझाव पर संशोधन लाने का आश्वासन दिया। बैठक में वक्ताओं ने सहकारी मिलों को लाभकारी बनाने के लिए कई सुझाव दिए। इनमें कन्वर्जन कॉस्ट कम करने, मिलों में जमा 50% चीनी का स्टॉक समय पर बेचने, और मिलों को 1 नवंबर से 30 अप्रैल तक चलाने का प्रस्ताव शामिल था। वक्ताओं ने कहा कि नई चीनी बाजार में आने पर 60 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट से करोड़ों का नुकसान होता है। कोरोना काल में बंद हुई सुरक्षण समिति की बैठकें अगले माह से लखनऊ में फिर शुरू होंगी। इसके अलावा, किसान की मृत्यु होने पर नाबालिग वारिसों के बांड भी अब बनाए जाएंगे। कृष्णपाल चेयरमेन ने सुझाव दिया कि जो चीनी मिल किसानों का समय पर भुगतान करती हैं, उन्हें अधिक गन्ना आवंटित किया जाए। साथ ही, भुगतान में देरी पर 14% ब्याज देने का प्रस्ताव भी रखा गया। गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने सभी सुझावों को कैबिनेट बैठक में पास कराने का आश्वासन दिया। बैठक में गन्ना आयुक्त आईएएस स्मिति, चीनी मिल संघ के एमडी कुमार विनीत समेत गन्ना विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।