सुभानपुर के राजकीय हाई स्कूल में कैरियर मेले की धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

सुभानपुर स्थित राजकीय हाई स्कूल में मंगलवार को आयोजित कैरियर मेले में विद्यार्थियों को रोजगार एवं भविष्य निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किए गए। इस अवसर पर जहां वरिष्ठ एवं अनुभवी वक्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, वहीं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।

सुभानपुर के राजकीय हाई स्कूल में कैरियर मेले की धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

सुभानपुर के राजकीय हाई स्कूल में कैरियर मेले की धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
- विद्वान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को दिए उज्ज्वल भविष्य के गुर
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
सुभानपुर स्थित राजकीय हाई स्कूल में मंगलवार को आयोजित कैरियर मेले में विद्यार्थियों को रोजगार एवं भविष्य निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किए गए। इस अवसर पर जहां वरिष्ठ एवं अनुभवी वक्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, वहीं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तहसीलदार वृतिका श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जिस प्रकार अर्जुन ने मछली की आंख पर ध्यान केंद्रित किया, उसी प्रकार विद्यार्थी भी अपने चुने हुए लक्ष्य पर निरंतर फोकस बनाए रखें। उन्होंने मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर बनाने के तरीकों की जानकारी दी। कैरियर गाइडेंस के नोडल अधिकारी सत्यवीर सिंह, समाजसेवी देवेन्द्र धामा, प्रधानाचार्य ज्वाला प्रसाद, समाजसेवी योगेन्द्र त्यागी, आरबीएसके चिकित्सक डॉ. दीपक धामा सहित अन्य वक्ताओं ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा कैरियर से संबंधित विषयों पर प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिन्हें अतिथियों ने सराहा। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता कुमारी ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षिकाएं कृष्णा कुमारी, नेहा वर्मा, ख्याति स्वामी एवं शिक्षक अनुज सिंह शिशोदिया का विशेष योगदान रहा।