34 साल बाद दलित परिवार के नाम दर्ज हुई जमीन

गोना गांव में एक दलित परिवार को करीब 34 साल की लंबी कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई के बाद जमीन का मालिकाना हक मिल गया। खतौनी में नाम दर्ज होने पर परिवार ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

34 साल बाद दलित परिवार के नाम दर्ज हुई जमीन

34 साल बाद दलित परिवार के नाम दर्ज हुई जमीन
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
गोना गांव में एक दलित परिवार को करीब 34 साल की लंबी कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई के बाद जमीन का मालिकाना हक मिल गया। खतौनी में नाम दर्ज होने पर परिवार ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
गांव निवासी रिछपाल के पास करीब 12 बीघा जमीन थी। उन्होंने छह बीघा जमीन गांव के ही एक व्यक्ति को बेच दी थी। आरोप है कि खरीदार ने छह बीघा के बजाय पूरी 12 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद रिछपाल ने जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए अधिकारियों के यहां शिकायतें और धरने शुरू किए। लगातार संघर्ष के दौरान रिछपाल की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उनके बेटे धर्मपाल ने करीब 14 वर्षों तक जमीन का हक पाने के लिए संघर्ष जारी रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की। मुख्यमंत्री स्तर से कार्रवाई के निर्देश के बाद परिवार का नाम दर्ज करने के आदेश हुए, लेकिन खतौनी में नाम दर्ज कराने के लिए धर्मपाल को करीब पांच साल तक तहसील के चक्कर लगाने पड़े। अब खतौनी में नाम दर्ज होने के बाद परिवार को जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। धर्मपाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार जताया।