दसलक्षण पर्व के समापन पर निकली भगवान शांतिनाथ की भव्य रथयात्रा
दसलक्षण पर्व के समापन के उपलक्ष्य में मंगलवार को सकल जैन समाज खेकड़ा की ओर से भगवान शांतिनाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ की पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ उठाया। रथयात्रा में श्रद्धालु भगवान को समर्पित भजनों पर झूमते और नृत्य करते हुए चल रहे थे। आकर्षक झांकी रथयात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
दसलक्षण पर्व के समापन पर निकली भगवान शांतिनाथ की भव्य रथयात्रा
- भजनों पर झूमे श्रद्धालु, आकर्षक झांकी ने मोहा मन
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
दसलक्षण पर्व के समापन के उपलक्ष्य में मंगलवार को सकल जैन समाज की ओर से भगवान शांतिनाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ की पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ उठाया। रथयात्रा में श्रद्धालु भगवान को समर्पित भजनों पर झूमते और नृत्य करते हुए चल रहे थे। आकर्षक झांकी रथयात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
छोटा बाजार स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में सुबह श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ की नित्य नियम पूजा की। भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। इसके बाद 108 दीपों से भगवान की आराधना कर सुख-शांति और मंगल की कामना की गई। दोपहर करीब 12 बजे मंदिर से रथयात्रा शुरू हुई। नगरपालिका चेयरपर्सन नीलम धामा और एसडीएम सुरभि शर्मा ने श्रीजी की आरती कर रथयात्रा का शुभारंभ किया। रथयात्रा छोटा बाजार, बड़ा बाजार, पुलिस चौकी चौराहा और जैन कॉलेज मार्ग से होती हुई जैन इंटर कॉलेज पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पांडुक शिला पर श्रीजी का अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद रथयात्रा वापस रवाना होकर बड़ा जैन मंदिर पहुंची, जहां भगवान की प्रतिमा को विधिपूर्वक वेदी पर विराजमान कराया गया। रथयात्रा में ख्वासी बनने का सौभाग्य मंशाराम शशिभूषण जैन, सारथी राजेश जैन और पुनीत जैन को मिला। चंवर इंद्र के रूप में सुमेर जैन, सार्थक जैन और राजेश जैन रहे। हाथी पर संतोष जैन व हितेष जैन, बग्गी पर मुकेश जैन, दिनेश जैन, दीपक जैन, आनंद जैन, राहुल जैन और विनीत जैन तथा घोड़े पर योगेंद्र जैन, दिनेश जैन, नमन जैन, योगेंद्र जैन, राकेश जैन और चुममुन जैन रहे। वापसी में ख्वासी का सौभाग्य बाबूराम जैन, सारथी राकेश जैन व शरद जैन तथा इंद्र चंवर का सौभाग्य राजेंद्र जैन, विकास जैन और प्रवीन जैन को प्राप्त हुआ। जैन धर्म में दसलक्षण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम और धर्म साधना का पर्व माना जाता है। पर्व के दौरान उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस धर्मों के पालन का संदेश दिया जाता है। रथयात्रा में मंदिर कमेटी के प्रधान नितिन जैन, सुमेर जैन, त्रिलोक चंद जैन, डॉ. प्रशांत जैन, आकाश जैन, नरेश जैन, अंकुश जैन, कमल जैन, राजेश जैन और मनोज जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

