मानसून की पहली बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत लेकिन नगर निगम के विशेष सफाई अभियान की खुली पोल

मानसून की पहली बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत लेकिन नगर निगम के विशेष सफाई अभियान की खुली पोल
तेजेश चौहान तेजस

 उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पहली मानसूनी बारिश ने दस्तक दे दी है।जिसके बाद के लोगों को चिलचिलाती धूप और उमस वाली गर्मी से थोड़ी राहत तो जरूर मिल गई है।लेकिन गाजियाबाद में हुई मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की तमाम पोल खोल कर रख दी है। क्योंकि जगह-जगह हर इलाके में जलभराव की स्थिति बन गई है ? कई इलाके तो ऐसे हैं जहां पर लोगों का निकलना भी दूभर हो गया है।

जबकि नगर निगम ने काफी पहले से ही नालों की सफाई का विशेष अभियान चलाया था। नगर निगम का दावा था कि मानसूनी बारिश से पहले ही नालों की साफ सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया और अब कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं होगी। लेकिन जिस तरह की स्थिति आज बनी वह खुद ब खुद अपने आप यह बयां कर रही है। कि नगर निगम के द्वारा की गई नालों की सफाई कितनी कारगर सिद्ध हुई है।

दिल्ली एनसीआर में लगातार गर्मी का पारा आसमान को छू रहा था।गाजियाबाद की अगर बात करें गाजियाबाद में भी गर्मी अपने चरम सीमा पर थी। जिससे लोग घर से भी नहीं निकल पा रहे थे। वही लोग केवल घर से निकल रहे थे।जिन्हें बहुत जरूरी कार्य से बाहर जाना होता था। लेकिन आज गाजियाबाद में हुई मानसून की पहली बारिश के बाद गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है।

स्थानीय निवासी मान्या का कहना है कि गर्मी बहुत ही ज्यादा थी। जिसकी वजह से एसी कूलर भी गर्मी से भी राहत नहीं मिल पा रही थी लेकिन आज गाजियाबाद में हुई बारिश से गर्मी से राहत मिल गई है।

वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों का यह भी कहना है। कि जिस तरह से नगर निगम ने वाटर लॉगिंग की समस्या से निपटने के लिए नालों की साफ सफाई का कार्य शुरू किया था। वह विशेष सफाई अभियान ना काफी नजर आ रहा है।क्योंकि पहली बारिश ने ही नगर निगम के विशेष सफाई अभियान के तमाम दावों की पोल खोल कर सामने रख दी है।

क्योंकि पानी की निकासी सही से ना होने के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया है।गली मोहल्लों में भी बारिश का पानी जमा हो गया है। कई जगह सीवर तक भी ओवरफ्लो हो चुके हैं।