गाजियाबाद पुलिस बल को आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण
गाजियाबाद पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों (महिला एवं पुरुष) के लिए दो दिवसीय विशेष सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त, वेवसिटी प्रियाश्री पाल द्वारा किया जा रहा है।
तेजस न्यूज संवाददाता
गाजियाबाद पुलिस बल को आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण
गाजियाबाद पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों (महिला एवं पुरुष) के लिए दो दिवसीय विशेष सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त, वेवसिटी प्रियाश्री पाल द्वारा किया जा रहा है।

प्रशिक्षण का शुभारम्भ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं कानून व्यवस्था आलोक प्रियदर्शी एवं पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। पहले दिन (28 अगस्त) महिला पुलिसकर्मी एवं दूसरे दिन (29 अगस्त) पुरुष पुलिसकर्मी प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। कुल 200 प्रतिभागी इस विशेष प्रशिक्षण में शामिल हो रहे हैं।

इस आत्मरक्षा प्रशिक्षण को "कवच" टीम द्वारा प्रदान किया जा रहा है। कवच टैक्टिकल कॉम्बैट सिस्टम इंडिया के संस्थापक/मुख्य प्रशिक्षक वरुण रावत, सह-संस्थापक/लीड इंस्ट्रक्टर दिव्या पंवार एवं उनकी टीम के 05 अन्य विशेषज्ञ प्रशिक्षक पुलिस बल को प्रशिक्षित कर रहे हैं। "कवच" को भारतीय सेना इकाइयों, सीआईएसएफ, उत्तराखण्ड व हरियाणा पुलिस तथा विभिन्न सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देने का अनुभव है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक, आत्मरक्षा कौशल, आपात स्थिति में खुद को मजबूत बनाने की विधियां तथा तनाव-मुक्त वातावरण में कार्य करने जैसे विषय सिखाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना तथा जनता की सुरक्षा को और प्रभावी बनाना है।

महिला पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों में अपर पुलिस उपायुक्त पूनम मिश्रा, सहायक पुलिस आयुक्त सलोनी अग्रवाल, सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पाण्डेय सहित विभिन्न थानों की महिला पुलिसकर्मी प्रशिक्षण में शामिल हुईं।

प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे दैनिक जीवन में अधिक सतर्क और सक्षम महसूस कर रहे हैं।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस बल को आत्मरक्षा में और अधिक कुशल बनाया जा सके। यह पहल न केवल पुलिस कर्मियों को सशक्त बनाती है बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का सकारात्मक संदेश भी देती है।
