जिले में अगले हफ्ते बढ़ सकते हैँ सर्कल रेट
गाजियाबाद। जिले में जमीनों के सरकारी मूल्य निर्धारण (सर्किल रेट) में बदलाव की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिला प्रशासन ने प्रस्तावित दरों पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह से नई दरें लागू हो सकती हैं।
गाजियाबाद। जिले में जमीनों के सरकारी मूल्य निर्धारण (सर्किल रेट) में बदलाव की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिला प्रशासन ने प्रस्तावित दरों पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह से नई दरें लागू हो सकती हैं।

राजस्व विभाग के अनुसार, नई दरों में आवासीय, वाणिज्यिक और कृषि भूमि के सर्किल रेट में 10 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।आवासीय क्षेत्रों में औसतन 10 से 25 प्रतिशत, जबकि वाणिज्यिक इलाकों में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है।वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि पर बढ़ोतरी बहुत सीमित रखी गई है, ताकि किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।
इस संशोधन से सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि संपत्ति खरीदने वालों को स्टांप शुल्क अधिक देना पड़ सकता है।
हरनंदीपुरम योजना क्षेत्र पर रोक
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की हरनंदीपुरम योजना से जुड़े कुछ खसरा नंबरों पर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लंबित होने के कारण इन क्षेत्रों में फिलहाल सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। जिला प्रशासन ने इस संबंध में शासन से विशेष दिशा-निर्देश मांगे हैं। दिशा-निर्देश मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि नई सर्किल दरों का उद्देश्य संपत्ति मूल्यांकन को व्यवस्थित करना और भूमि लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता और किसानों को अनावश्यक भार से बचाने के लिए कृषि भूमि की दरों में केवल मामूली संशोधन किया गया है।