कचरे से बढ़ेगी नगर पालिका खेकड़ा की आय, शहर बनेगा स्वच्छ

खेकड़ा को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नगर पालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को नई गति देने जा रही है। शनिवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने नगरपालिका क्षेत्र में स्थापित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का निरीक्षण किया और बंद पड़ी मशीनों को तत्काल क्रियाशील करने के निर्देश दिए।

कचरे से बढ़ेगी नगर पालिका खेकड़ा की आय, शहर बनेगा स्वच्छ

कचरे से बढ़ेगी नगर पालिका खेकड़ा की आय, शहर बनेगा स्वच्छ
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से लागू होगा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
खेकड़ा को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नगर पालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को नई गति देने जा रही है। शनिवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने नगरपालिका क्षेत्र में स्थापित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का निरीक्षण किया और बंद पड़ी मशीनों को तत्काल क्रियाशील करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एमआरएफ सेंटर को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जाए ताकि कस्बे को कूड़े-कचरे की समस्या से राहत मिल सके। वेस्ट टू वेल्थ मॉडल पर आधारित इस सेंटर पर हर दिन लगभग पांच टन गीले और सूखे कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण और प्रोसेसिंग किया जाएगा। इससे खेकड़ा को “जीरो वेस्ट सिटी” बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठेगा।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेंटर की सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। पाया गया कि चार मशीनों में से दो मशीनें बंद हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत कर कार्यशील कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ईओ हरिलाल पटेल को निर्देशित किया कि कूड़े के पृथक्करण के बाद प्राप्त सामग्री का अधिकतम पुनर्चक्रण (Recycling) किया जाए ताकि नगर पालिका की राजस्व आय में वृद्धि हो और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिले। उन्होंने कहा कि धातु, कागज, ई-वेस्ट आदि अपशिष्टों के पुनर्चक्रण व विक्रय से नगर पालिका को आर्थिक लाभ होगा। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि कचरे को केवल निस्तारण के रूप में नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए। यदि हम कचरे का पुनर्चक्रण करना सीख लें, तो यही समस्या हमारे लिए अवसर बन सकती है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया कि जिले की सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जाए। उन्होंने कहा कि “वेस्ट टू रोड” की अवधारणा पर्यावरण संरक्षण और स्थायी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे एक ओर प्लास्टिक कचरे का उपयोग होगा तो दूसरी ओर सड़कों की मजबूती भी बढ़ेगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार, ईओ हरिलाल पटेल, तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।