खेकड़ा की गोल्डन गर्ल अनन्या ने राज्य स्तर पर लहराया परचम
खेकड़ा ब्लॉक के बंदपुर गांव की बेटी अनन्या ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह कर दिखाया है, जो बड़े शहरों में भी बहुत कम देखने को मिलता है। प्राथमिक विद्यालय बंदपुर की यह होनहार छात्रा अब न केवल गांव बल्कि पूरे जनपद का नाम राज्य स्तर पर रोशन कर चुकी है।
खेकड़ा की गोल्डन गर्ल अनन्या ने राज्य स्तर पर लहराया परचम
- गांव की मिट्टी से निकली प्रतिभा ने जीते चार स्वर्ण पदक,
- अब राष्ट्रीय स्तर पर करेगी दमखम का प्रदर्शन
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
ब्लॉक के बंदपुर गांव की बेटी अनन्या ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह कर दिखाया है, जो बड़े शहरों में भी बहुत कम देखने को मिलता है। प्राथमिक विद्यालय बंदपुर की यह होनहार छात्रा अब न केवल गांव बल्कि पूरे जनपद का नाम राज्य स्तर पर रोशन कर चुकी है।
बेटियां किसी से कम नही, क्रिकेट का वर्ल्ड कप जीतकर बेटियों ने दिखा दिया है। देश के गांव गांव में अनेक प्रतिभाएं छिपी है। खेकड़ा ब्लाक के बंधपुर गांव की बेटी अनन्या भी ऐसी ही चमकता सितारा है। प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय माध्यमिक विद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अनन्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बालिका वर्ग की 100 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद और रिले दौड़कृचारों प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस अद्भुत प्रदर्शन के बल पर उसने अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अनन्या की सफलता उसके गांव और स्कूल दोनों के लिए गर्व का विषय बन गई है। व्यायाम शिक्षक सुमित कुमार ने बताया कि अनन्या ने सीमित संसाधनों के बावजूद अथक परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि अनन्या का जज़्बा वाकई प्रेरणादायक है। वह रोजाना अभ्यास में कभी पीछे नहीं रहती और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करती है। खंड शिक्षा अधिकारी सचिन कुमारी ने भी अनन्या की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि विभाग उसकी हरसंभव सहायता करेगा ताकि वह राष्ट्रीय स्तर पर भी बागपत का नाम रोशन कर सके। गांव के लोगों में भी अनन्या की इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अनन्या ने यह साबित कर दिया कि संकल्प और मेहनत से छोटे गांवों की बेटियां भी बड़ी उड़ान भर सकती हैं। गांव की बेटी अनन्या ने साबित किया है कि प्रतिभा को पहचान की नहीं, अवसर की जरूरत होती है। अनन्या की यह सफलता दर्शाती है कि अगर सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो एक छोटे से गांव का बच्चा भी मुश्किलों की दीवार तोड़कर सारे जहां में अपना मुकाम बना सकता है। पूरा खेकड़ा ब्लॉक अब अपनी इस गोल्डन गर्ल को राष्ट्रीय स्तर पर चमकते देखने का इंतजार कर रहा है।