एनएसएस शिविर में सामाजिक सरोकारों पर पोस्टर प्रतियोगिता, युवाओं ने दिया जागरूकता का संदेश
खेकड़ा कस्बे के एमएम कॉलेज में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन का शुभारंभ बीआरसी परिसर में मां सरस्वती की वंदना एवं एनएसएस के ध्येय गीत के साथ हुआ। दिनभर आयोजित कार्यक्रमों में सामाजिक जागरूकता, नारी सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया गया।
एनएसएस शिविर में सामाजिक सरोकारों पर पोस्टर प्रतियोगिता, युवाओं ने दिया जागरूकता का संदेश
- एमएम कॉलेज के विशेष शिविर का छठा दिन विविध गतिविधियों के साथ सम्पन्न
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के एमएम कॉलेज में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन का शुभारंभ बीआरसी परिसर में मां सरस्वती की वंदना एवं एनएसएस के ध्येय गीत के साथ हुआ। दिनभर आयोजित कार्यक्रमों में सामाजिक जागरूकता, नारी सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया गया।
प्रथम सत्र में नारीवादी आंदोलन, लैंगिक समानता तथा महिलाओं की सामाजिक स्थिति पर विशेष विचार-विमर्श हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. देवेश शुक्ल ने नारी मुक्ति, जीवन के अधिकार, घरेलू हिंसा, समान वेतन, राजनीतिक सहभागिता और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज का संतुलित विकास संभव नहीं है। डॉ. शिवेंद्र मिश्रा ने साहित्य के माध्यम से नारी चेतना, बाल अधिकार और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़े पहलुओं पर स्वयंसेवकों को जागरूक किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने भी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, घरेलू जिम्मेदारियों तथा प्रतिभाशाली महिलाओं को पर्याप्त अवसर न मिलने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। इसके उपरांत विषय आधारित पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेवकों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता का सशक्त संदेश दिया। पोस्टर प्रतियोगिता में कशिश ने प्रथम, प्रतीक ने द्वितीय और यशिका मलिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में क्षीरिश माही गुप्ता ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अन्य प्रतिभागियों ने द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किए। द्वितीय सत्र में निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। डॉ. राघवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने स्वयंसेवकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें नियमित जांच, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। शिविर के सचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है और समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है। प्राचार्य ने भी स्वास्थ्य को जीवन का प्रथम कर्तव्य बताते हुए कहा कि जागरूकता ही रोगों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सामाजिक संवेदनशीलता, लैंगिक समानता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा, जिसमें स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भागीदारी निभाई।