चेक क्लोनिंग का नया खेल- 6 साल पहले नष्ट किए गए चेक से एडवोकेट के खाते से 45,300 रूपये पार
खेकड़ा कस्बे में साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कस्बे के एक अधिवक्ता के बैंक खाते से छह साल पहले निरस्त किए जा चुके चेक की क्लोनिंग कर 45 हजार 300 रुपये की रकम फर्जी तरीके से निकाल ली गई। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चेक क्लोनिंग का नया खेल- 6 साल पहले नष्ट किए गए चेक से एडवोकेट के खाते से 45,300 रूपये पार
- कस्बे में सनसनी, कानपुर के पोस्ट ऑफिस खाते में ट्रांसफर हुई रकम, बागपत साइबर सेल में शिकायत
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कस्बे के एक अधिवक्ता के बैंक खाते से छह साल पहले निरस्त किए जा चुके चेक की क्लोनिंग कर 45 हजार 300 रुपये की रकम फर्जी तरीके से निकाल ली गई। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कस्बे के मैन बाजार निवासी एडवोकेट जय प्रकाश गुप्ता का खाता पंजाब नेशनल बैंक की खेकड़ा शाखा में संचालित है। पीड़ित के मुताबिक वर्ष 2020 में उन्होंने चेक संख्या 961570 को कैंसिल लिखकर नष्ट कर दिया था, लेकिन हैरानी तब हुई जब 10 जून 2026 को इसी चेक नंबर के जरिए उनके खाते से 45,300 रुपये की निकासी हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने बैंक से जांच कराई, जिसमें सामने आया कि किसी ने पुराने चेक की हूबहू डुप्लीकेट कॉपी तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से रकम निकाल ली। बैंक के सीटीएस यानि चेक टाजेक्सन सिस्टम रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि निकाली गई रकम पिंटू नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई, जो कानपुर के प्रधान डाकघर से जुड़ा बताया गया। पीड़ित एडवोकेट जय प्रकाश गुप्ता ने इसे चेक क्लोनिंग, पहचान चोरी और सुनियोजित साइबर फ्रॉड का गंभीर मामला बताते हुए साइबर क्राइम सेल बागपत को शिकायत भेजी है। शिकायत में आरोपी के बैंक खाते को तत्काल फ्रीज करने, संबंधित मोबाइल नंबर और केवाईसी दस्तावेजों की जांच कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है।
साइबर चोरो के नए कारनामें से लोगों में चिंता बढी
इस घटना ने क्षेत्र में बैंक खातों की सुरक्षा और बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित नहीं रह पाएगी। यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराधी अब पुराने दस्तावेजों का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे बैंकिंग व्यवस्था की सतर्कता और भी जरूरी हो गई है।